6 महीने में धंस गई सड़क, आमघाट पुल बंद; पहली बरसात भी नहीं झेल पाया नया एप्रोच मार्ग

मिर्जापुर के आमघाट में करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से बने रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग पहली बरसात में ही धंस गया। फरवरी में आम जनता के लिए खोले गए पुल पर सड़क में दरारें आने के बाद आवागमन बंद कर दिया गया है।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 9 August 2026, 5:26 PM IST

Mirzapur: जिस पुल के लिए लोगों ने वर्षों तक इंतजार किया, जिस पर करोड़ों रुपये खर्च किए गए और जिसे कुछ महीने पहले ही आम जनता के लिए खोला गया था, वही पुल पहली बरसात में सवालों के घेरे में आ गया है। मिर्जापुर के आमघाट में बने रेलवे ओवरब्रिज का एप्रोच मार्ग बारिश के बाद धंस गया। सड़क पर दरारें भी दिखाई दे रही हैं। हालत ऐसी हुई कि पुल पर आवागमन तक बंद करना पड़ा।

पुल बंद होने से बढ़ी परेशानी

पुल बंद होने से स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ गई है और अब उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए लंबा रास्ता तय करना पड़ेगा। नए बने पुल और सड़क की यह हालत सामने आने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। वहीं समाजवादी पार्टी ने निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है।

करोड़ों की लागत से दो साल में तैयार हुआ था पुल

मिर्जापुर के आमघाट में रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण करीब 63 करोड़ रुपये की लागत से किया गया। इस परियोजना का निर्माण लोक निर्माण विभाग और सेतु निगम की ओर से मिलकर कराया गया था। बताया गया कि पुल और इससे जुड़े निर्माण कार्य को पूरा होने में करीब दो साल का समय लगा। लंबे इंतजार के बाद फरवरी में पुल को आम जनता के आवागमन के लिए खोल दिया गया था।

ये भी पढ़ें- संतान खोने का दर्द नहीं सह पाई महिला, उठाया खौफनाक कदम; पति ने समय रहते बचाई जान

पुल शुरू होने के बाद स्थानीय लोगों को उम्मीद थी कि इससे इलाके में आवागमन आसान होगा और उन्हें लंबे समय से चली आ रही परेशानी से राहत मिलेगी। लेकिन कुछ ही महीनों में एप्रोच मार्ग के धंसने से अब पूरी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

पहली बरसात में ही धंसा एप्रोच मार्ग

बारिश के बाद आमघाट पुल के एप्रोच मार्ग की स्थिति बिगड़ गई। सड़क का एक हिस्सा धंस गया और कई जगह दरारें दिखाई देने लगीं। एप्रोच मार्ग की हालत इतनी खराब हो गई कि पुल से आवागमन बंद करने का फैसला लिया गया।
पुल से रोजाना गुजरने वाले लोग मौके पर खड़े होकर सड़क की स्थिति देखते नजर आए। लोगों का कहना है कि जिस सड़क को कई साल के इंतजार के बाद इस्तेमाल करने का मौका मिला, वह कुछ ही महीनों में खराब हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, अगर सड़क और एप्रोच मार्ग का निर्माण ठीक तरीके से किया गया होता तो पहली ही बरसात में ऐसी स्थिति नहीं बनती।

पुल बंद होने से लोगों की बढ़ी मुश्किल

आमघाट पुल के बंद होने से आसपास के लोगों की परेशानी बढ़ गई है। जिन लोगों के लिए यह पुल आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता था, उन्हें अब दूसरे रास्तों का सहारा लेना पड़ेगा। स्थानीय लोगों का कहना है कि पुल को शुरू कराने के लिए उन्होंने कई वर्षों तक इंतजार किया था। ऐसे में छह महीने के भीतर सड़क धंस जाने से उनकी उम्मीदों को बड़ा झटका लगा है। लोगों का कहना है कि अब बरसात खत्म होने के बाद ही सड़क और एप्रोच मार्ग को दोबारा ठीक तरीके से शुरू किया जा सकेगा। हालांकि अधिकारी जल्द मरम्मत कराकर पुल को फिर से चालू करने की बात कह रहे हैं।

ये भी पढ़ें- Budaun: मौत के बाद मायके वालों ने लगाए गंभीर आरोप, जानिए क्यों प्रताड़ित की जा रही थी विवाहिता?

स्थानीय लोगों ने लगाए भ्रष्टाचार के आरोप

सड़क धंसने के बाद निर्माण की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुल और सड़क निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क पहली बरसात का दबाव तक नहीं झेल सकी। समाजवादी पार्टी की ओर से भी निर्माण कार्य में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया गया है। पार्टी नेताओं ने पूरे मामले की जांच कराने की मांग की है।

मौके पर पहुंचे सेतु निगम के अधिकारी

एप्रोच मार्ग के धंसने की जानकारी मिलते ही सेतु निगम के अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया और स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों के मुताबिक, बारिश के कारण एप्रोच मार्ग में यह समस्या आई है। फिलहाल सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए पुल पर आवागमन बंद किया जा रहा है।

Location :  Mirzapur

Published :  9 August 2026, 5:26 PM IST