अखिलेश यादव बोले- भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही, मेरठ SSP ने न्याय मांगने वालों को थप्पड़ मारा

मेरठ से सामने आए एक वीडियो ने सोशल मीडिया से लेकर राजनीतिक गलियारों तक हलचल बढ़ा दी है। घटना को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं और जांच की मांग भी उठ रही है। आखिर विरोध प्रदर्शन के दौरान ऐसा कौन-सा पल कैमरे में कैद हुआ जिसने सभी का ध्यान खींच लिया?

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 9 July 2026, 9:19 AM IST

Meerut: मेरठ में छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड के बाद न्याय मांगने वालों पर पुलिस ने लाठीचार्ज की। इसके अलावा एसएसपी (SSP) ने तो न्याय मांगने वाले लोगों को थप्पड़ भी मार दिया। इसका वीडियो सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया ट्विटर (एक्स) पर पोस्ट करते हुए उत्तर प्रदेश पुलिस और उत्तर प्रदेश सरकार पर निशाना साधा है।

अखिलेश यादव ने क्या लिखा?

अखिलेश यादव ने कहा, "भाजपा राज में पुलिस अन्याय का रिकॉर्ड तोड़ रही है। मेरठ में दलित समाज की बेटी ललिता गौतम के लिए न्याय की आवाज़ उठाने पर प्रशासन द्वारा पीड़ित परिवार सहित अन्य लोगों पर किया प्रहार और लाठी चार्ज बेहद निंदनीय है। जब प्रदेश-प्रमुख ही सरेआम एक मृतक की माँ के साथ असंवेदनशील होने का उदाहरण प्रस्तुत करेंगे तो उनकी पुलिस से कोई उम्मीद करना बेमानी है। घोर निंदनीय!"

Meerut News: मेरठ में मामूली टकराव के बाद ‘खूनी संघर्ष’, बीच-बचाव करने आई युवती के साथ क्या हुआ? जानें क्या है पूरा मामला

क्या एसएसपी का लोगों को थप्पड़ मारना सही था?

समाजवादी पार्टी के सुप्रीमो अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। अखिलेश यादव के अलावा अन्य काफी नेताओं ने भी पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं। पुलिस का व्यवहार ठीक नहीं था, इसको लेकर भी जांच की मांग की गई है। कुछ नेताओं का यह भी कहना है कि ऐसे पुलिस अधिकारियों की वजह से उत्तर प्रदेश सरकार की छवि खराब होती है, इसलिए ऐसे अधिकारियों के खिलाफ भी जांच होनी चाहिए। क्या एसएसपी का इस तरीके से लोगों को थप्पड़ मारना सही था?

एसएसपी अविनाश पांडे का क्या कहना है?

वहीं, इस मामले में मेरठ के एसएसपी अविनाश पांडे का कहना है कि ललिता गौतम हत्याकांड का पुलिस खुलासा कर चुकी है। इस मामले में मुख्य आरोपी के साथ उन 2 साथी आरोपियों को भी जेल भेजा जा चुका है, जिन्होंने मुख्य आरोपी की मदद की थी। इसके अलावा पुलिस लगातार पीड़ित परिवार के संपर्क में है। बावजूद इसके अशांति फैलाने की कोशिश की जा रही है।

क्या है ललिता गौतम हत्याकांड?

आपको बता दें कि मेरठ में टीपीनगर थाना क्षेत्र में स्थित किरोट गांव की रहने वाली 20 वर्षीय ललिता गौतम बीते 15 मई को परीक्षा देने घर से निकली थी, लेकिन इसके बाद वह वापस घर नहीं लौटी। घरवालों ने उसी दिन गुमशुदगी दर्ज करा दी। उसके बाद 17 मई को रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया गांव के गन्ने के खेत में ललिता गौतम का शव मिला। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत 3 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

Meerut News: भराला गांव में पीडीए पंचायत का आयोजन, विनीत भराला को सरधना से सपा प्रत्याशी बनाने की उठाई मांग

क्या थी प्रदर्शन के वक्त लोगों की मांग?

बुधवार को जब ललिता गौतम हत्याकांड के विरोध में लोग प्रदर्शन कर रहे थे तो लोगों की मांग थी कि छात्रा ललिता गौतम हत्याकांड में शामिल सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए। मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराई जाए। सभी दोषियों को फांसी की सजा मिले। पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता के साथ एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। इन्हीं को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था, लेकिन एसएसपी ने फिर भी न्याय मांगने वालों को थप्पड़ मार दिया।

Location :  Meerut

Published :  9 July 2026, 9:19 AM IST