गाजियाबाद के यूपी गेट पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को मेरठ जाने से पुलिस ने रोक दिया। मंत्री अपने काफिले के साथ मेरठ के सरधना में मृतक सोनू कश्यप के परिजनों से मिलने जा रहे थे।

संजय निषाद को मेरठ जाने से रोका गया
Ghaziabad: गाजियाबाद के यूपी गेट पर उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब कैबिनेट मंत्री संजय निषाद को मेरठ जाने से पुलिस ने रोक दिया। मंत्री अपने काफिले के साथ मेरठ के सरधना में मृतक सोनू कश्यप के परिजनों से मिलने जा रहे थे। लेकिन पुलिस ने उच्च अधिकारियों के आदेश का हवाला देते हुए उनके काफिले की गाड़ियों को आगे नहीं बढ़ने दिया।
यूपी गेट पर मंत्री संजय निषाद की इंदिरापुरम एसीपी अभिषेक श्रीवास्तव और कौशांबी SHO अजय शर्मा से तीखी नोकझोंक हुई। इस दौरान मंत्री ने पुलिस अधिकारियों से रोकने का कारण पूछा, जिस पर एसीपी ने स्पष्ट कहा कि “उच्च अधिकारियों का आदेश है, आप मेरठ नहीं जा सकते।” मंत्री का काफिला करीब 30 मिनट तक यूपी गेट पर रोका गया।
संजय निषाद के काफिले में कुल तीन गाड़ियां शामिल थीं। मौके पर मौजूद समर्थकों और राहगीरों की भीड़ के कारण कुछ देर के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने अतिरिक्त बल तैनात कर लिया, ताकि कोई अप्रिय स्थिति न बने।
मेरठ रवाना होने से पहले संजय निषाद ने मीडिया से बातचीत में कहा था कि वे सोनू कश्यप के परिवार को इंसाफ दिलाने के लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम पीड़ित परिवार से मिलेंगे, उन्हें समर्थन देंगे और वहां के अधिकारियों से बात करेंगे। इस पूरे मामले को लेकर मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से भी मिलूंगा।”
गौरतलब है कि इससे पहले तीन दिन पूर्व गाजियाबाद पुलिस ने नगीना से सांसद चंद्रशेखर आज़ाद को भी मेरठ जाने से रोकने का प्रयास किया था। हालांकि, वह करीब 60 किलोमीटर का रास्ता घूमकर मेरठ सीमा में काशी टोल तक पहुंचने में सफल हो गए थे।
मेरठ के सरधना क्षेत्र में 8 जनवरी को युवक सोनू कश्यप की अधजली लाश मिली थी। पुलिस के अनुसार, पहले युवक की ईंट से हत्या की गई और फिर सबूत मिटाने के लिए शव को मोबिल डालकर जला दिया गया। वहीं, स्थानीय लोगों का दावा है कि सोनू कश्यप को जिंदा जलाकर मारा गया। इस मामले में आरोप ठाकुर बिरादरी के युवकों पर लगाए गए हैं।
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इस मामले को लेकर सपा विधायक अतुल प्रधान ने 12 जनवरी को पीड़ित परिवार से मुलाकात कर एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी थी। वहीं, अखिलेश यादव, मायावती और सांसद चंद्रशेखर ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सरकार से जवाब मांगा। कांग्रेस पार्टी ने भी इस घटना पर नाराजगी जाहिर की है।