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थाना चिलुआताल क्षेत्र में हुए चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, मैगजीन, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पढिए पूरी खबर
गोरखपुर में हत्या कांड का बड़ा खुलासा
गोरखपुर: थाना चिलुआताल क्षेत्र में हुए चर्चित राजकुमार चौहान हत्याकांड में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल करते हुए दो और आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने इनके कब्जे से घटना में प्रयुक्त अवैध पिस्टल, जिंदा कारतूस, मैगजीन, चाकू और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद पूरे मामले में गिरफ्तार आरोपियों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।
क्या है पूरी घटना?
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चलाए जा रहे अपराध नियंत्रण अभियान के तहत पुलिस अधीक्षक उत्तरी व क्षेत्राधिकारी कैम्पियरगंज के पर्यवेक्षण में चिलुआताल पुलिस, एसओजी और स्वाट टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए मनीष यादव और सचिन यादव को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार मनीष यादव ने ही घटना में प्रयुक्त पिस्टल मुख्य आरोपी को उपलब्ध कराई थी, जबकि सचिन यादव ने वारदात के बाद हथियार छिपाने में मदद की।
बदमाशों ने गोली मारी
गौरतलब है कि 17 मार्च 2026 को सुबह करीब 6:15 बजे राजकुमार चौहान को अज्ञात बदमाशों ने गोली मार दी थी। गंभीर हालत में उन्हें बीआरडी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।
मामले में हरियाणा में गिरफ्तार
जांच के दौरान सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पहले ही कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। अब गिरफ्तार हुए मनीष और सचिन ने पूछताछ में कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस के मुताबिक मनीष यादव का आपराधिक इतिहास भी रहा है और वह पहले अवैध असलहा तस्करी के मामले में हरियाणा में गिरफ्तार हो चुका है।
पुलिस ने बताया कि सचिन यादव की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त पिस्टल और चाकू बरामद किए गए हैं। सभी आरोपी आपस में परिचित थे और एक ही डंपर पर काम करने के दौरान इनकी दोस्ती हुई थी, जिसके बाद साजिश को अंजाम दिया गया।
फिलहाल पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की विधिक कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े अन्य संभावित आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर दिया जाएगा।