सालों से अटकी थीं फाइलें, SDM ने 10 दिन में कर दिया काम! 752 जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र के मामलों का निस्तारण

बलरामपुर में एसडीएम सदर मनोज कुमार ने प्रभार संभालने के बाद लंबित जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र के मामलों पर तेजी से कार्रवाई की। महज 10 दिनों में 752 लंबित आवेदन निस्तारित किए गए। इनमें विकास खंड बलरामपुर के 630, नगर पालिका के 112 और हरैया सतघरवा के 10 मामले शामिल हैं। डिजिटल प्रणाली और आरसीसीएमएस पोर्टल की मदद से इन मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की गई।

Balrampur: सरकारी दफ्तरों में महीनों और सालों तक फाइलों के अटके रहने की खबरें तो अक्सर सामने आती हैं, लेकिन बलरामपुर में अब तस्वीर कुछ अलग दिखाई दे रही है। यहां प्रभार संभालते ही एसडीएम सदर मनोज कुमार ने जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े लंबित मामलों की फाइलें खंगालनी शुरू कीं। लगातार समीक्षा और मॉनिटरिंग का नतीजा यह रहा कि महज 10 दिनों में 752 लंबित मामलों का निस्तारण कर दिया गया।

प्रभार संभालते ही लंबित मामलों पर नजर

एसडीएम सदर मनोज कुमार ने पदभार संभालने के बाद आम लोगों से जुड़ी जरूरी सेवाओं को प्राथमिकता में रखा। जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र ऐसी सेवाएं हैं, जिनकी जरूरत परिवारों को स्कूल-कॉलेज में दाखिले से लेकर सरकारी योजनाओं, बैंकिंग, संपत्ति और अन्य जरूरी दस्तावेजी कामों में पड़ती है। इसके बावजूद कई बार आवेदन प्रक्रिया पूरी होने में देरी के कारण लोगों को कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। लंबित मामलों की संख्या को देखते हुए एसडीएम ने इन फाइलों की नियमित समीक्षा शुरू कराई।

सबसे ज्यादा 630 मामले विकास खंड बलरामपुर के

दस दिनों के भीतर निस्तारित किए गए 752 मामलों में सबसे ज्यादा आवेदन विकास खंड बलरामपुर से जुड़े थे। यहां कुल 630 लंबित मामलों का निस्तारण किया गया। इसके अलावा नगर पालिका परिषद बलरामपुर के 112 और हरैया सतघरवा विकास खंड के 10 लंबित आवेदन भी प्रक्रिया पूरी करने के बाद निस्तारित कर दिए गए।

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डिजिटल सिस्टम से हुई लंबित फाइलों की निगरानी

इस पूरे अभियान में डिजिटल प्रणाली और आरसीसीएमएस पोर्टल की भूमिका अहम रही। पोर्टल के जरिए लंबित मामलों को चिन्हित किया गया और उनकी स्थिति की लगातार निगरानी की गई। डिजिटल मॉनिटरिंग की वजह से अधिकारियों को यह पता लगाने में आसानी हुई कि कौन से आवेदन किस स्तर पर लंबित हैं और किन मामलों में आगे की कार्रवाई की जरूरत है। इससे फाइलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने की गुंजाइश भी कम हुई।

सालों से इंतजार कर रहे परिवारों को मिली राहत

जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र से जुड़े आवेदन लंबित होने का सीधा असर आम लोगों पर पड़ता है। कई परिवारों को प्रमाण पत्र के लिए लंबे समय तक इंतजार करना पड़ता है। ऐसे में 752 मामलों के निस्तारण से बड़ी संख्या में परिवारों को राहत मिली है। प्रमाण पत्र मिलने के बाद अब संबंधित लोग अपने दूसरे जरूरी दस्तावेजी और सरकारी काम आसानी से पूरा कर सकेंगे।

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डीएम ने भी की पहल की सराहना

एसडीएम सदर की इस पहल की जिलाधिकारी ने भी सराहना की है। जिला प्रशासन की ओर से साफ संदेश दिया गया है कि आम जनता से जुड़ी सेवाओं में अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सरकारी सेवाओं को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाने पर लगातार जोर दिया जा रहा है। इसके लिए डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जा रहा है।

बार-बार दफ्तरों के चक्कर लगाने से मिलेगी राहत

प्रशासन का उद्देश्य केवल लंबित मामलों को निपटाना ही नहीं, बल्कि आगे भी ऐसी स्थिति पैदा न होने देना है। इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल के जरिए आवेदनों की निगरानी और समय-समय पर समीक्षा की व्यवस्था को प्रभावी बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

Location :  Balrampur

Published :  12 August 2026, 7:37 PM IST

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