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लक्ष्मीपुर CHC का निरीक्षण (Img: Dynamite News)
Maharajganj: बरसात का मौसम शुरू होते ही महराजगंज जिले में सर्पदंश की घटनाओं में बढ़ोतरी दर्ज की जाने लगी है। ग्रामीण इलाकों में खेतों, झाड़ियों और जलभराव वाले क्षेत्रों में सांपों के निकलने की संभावना बढ़ जाती है, जिससे लोगों की चिंता भी बढ़ने लगी है। ऐसे हालात में सबसे बड़ा सवाल यह उठता है कि अगर किसी व्यक्ति को सांप काट ले तो सरकारी अस्पतालों में इलाज की क्या व्यवस्था है और मरीजों को कितनी जल्दी राहत मिल सकती है।
इन्हीं सवालों के जवाब तलाशने के लिए डाइनामाइट न्यूज़ की टीम ने लक्ष्मीपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पहुंचकर वहां की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। पड़ताल के दौरान अस्पताल प्रशासन ने सर्पदंश से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारी दी।
लक्ष्मीपुर सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अरुण गुप्ता ने बताया कि पिछले एक महीने के दौरान अस्पताल में सांप काटने के चार मरीज इलाज के लिए पहुंचे थे। इनमें तीन महिलाएं और एक पुरुष शामिल था। सभी मरीजों को समय पर एंटी स्नेक वेनम दिया गया और उपचार के बाद वे पूरी तरह स्वस्थ होकर अपने घर लौट गए। डॉक्टरों का कहना है कि समय पर अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के बचने की संभावना काफी बढ़ जाती है। देरी होने पर स्थिति गंभीर हो सकती है।
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सर्पदंश के मामलों को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने आवश्यक दवाओं का पर्याप्त स्टॉक तैयार रखा है। सीएचसी अधीक्षक के अनुसार अस्पताल में वर्तमान समय में 155 से अधिक एंटी स्नेक वेनम (ASV) उपलब्ध हैं। इसके अलावा प्रशिक्षित चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की टीम चौबीसों घंटे मरीजों की निगरानी और उपचार के लिए तैयार रहती है। अस्पताल प्रशासन का दावा है कि सर्पदंश के मामलों में तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जाता है।
डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि सांप काटने के बाद घबराने की बजाय मरीज को शांत रखें और तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचाएं। कई बार लोग झाड़-फूंक या घरेलू उपायों में समय गंवा देते हैं, जिससे मरीज की हालत और गंभीर हो सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार सर्पदंश के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। सही समय पर एंटी स्नेक वेनम मिलने से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
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स्वास्थ्य विभाग ने बरसात के मौसम में लोगों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है। खेतों में काम करते समय जूते पहनने, रात में टॉर्च का उपयोग करने और घर के आसपास साफ-सफाई रखने की सलाह दी गई है। अधिकारियों का कहना है कि थोड़ी सी सावधानी और समय पर इलाज से सर्पदंश जैसी गंभीर स्थिति से बचा जा सकता है। बरसात के इस मौसम में जागरूकता ही सबसे बड़ा बचाव है।
Location : Maharajganj
Published : 24 June 2026, 7:31 PM IST