कड़ाके की ठंड में क्यों बढ़ रहा हार्ट अटैक का खतरा? महराजगंज के डॉक्टर से जानिए बचाव के उपाय

कड़ाके की ठंड में हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ रहा है। डॉक्टर एस पी चौरसिया ने ठंड से बचाव के आसान उपाय बताए। अचानक कमजोरी, सुन्नपन, या बोलने में परेशानी हो तो तुरंत अस्पताल पहुंचें, लापरवाही जानलेवा साबित हो सकती है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 1 January 2026, 5:58 PM IST

Maharajganj: उत्तर भारत समेत देश के तमाम हिस्सों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। ऐसे में सेहत का ख्याल रखना भी जरूरी हो जाता है। खासकर बुजुर्गो और बच्चों को ठंड के सीजन में ज्यादा दिक्कत होती है। ऐसे में सभी के मन में एक सवाल आता है कि ठंड में किस तरह बचाव करें। जिसको लेकर कोल्हुई के एक चिकित्सक डॉ. एस. पी चौरसिया ने कई उपाय सुझाएं।

वह कहते हैं कि देश में शीतलहर के कारण स्ट्रोक, कोल्ड डायरिया, हार्ट और सांस के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ रही है। शीतलहर के चलते लकवा जैसे गंभीर मामले भी सामने आने लगे हैं।

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ठंड से बढ़ा स्ट्रोक का खतरा

कड़ाके की ठंड के कारण खून गाढ़ा और चिपचिपा हो जाता है, जिससे रक्त नलिकाओं में थक्के (ब्लड क्लॉट) जमने का खतरा बढ़ जाता है। यही थक्का मस्तिष्क तक पहुंचकर स्ट्रोक या लकवा का कारण बन सकता है। ठंड में धमनियां सिकुड़ जाती हैं, जिससे रक्त संचार प्रभावित होता है और हृदय पर दबाव बढ़ जाता है। इसके कारण अचानक शरीर के किसी हिस्से में कमजोरी, सुन्नपन, बोलने या समझने में दिक्कत जैसी समस्याएं हो सकती हैं जिन्हें नजरअंदाज करना जानलेवा साबित हो सकता है।

कोल्ड डायरिया और पेट दर्द के मरीज भी बढ़े

कड़ाके की ठंड के चलते कोल्ड डायरिया, पेट दर्द, उल्टी-दस्त के मरीजों की संख्या में भी लगातार इजाफा हो रहा है। इसके अलावा शुगर, हाई बीपी, हृदय रोग, सांस की बीमारी, हड्डी रोग,और महिला रोगों के मरीज भी ओपीडी में पहुंच रहे हैं।

ठंड में डॉक्टर ने सुझाए उपाय

डॉक्टर एस पी चौरसिया ने बताया की ठंड में बचाव ही बीमारियों से लड़ने का मुख्य उपाय है।ठंड में गर्म कपड़े पहन शरीर को हमेशा गर्म रखे।

ठंडी में गर्म खाने का प्रयोग करें

जिनको अस्थमा जैसी पुरानी बिमारियाँ है वो ठंड के सीजन में गर्म खाना खाये, ठंडे खाने का प्रयोग न करे। ब्लड प्रेशर के मरीज को ज्यादा देखभाल की जरूरत है।इसके मरीज हमेशा अपना लेवल चेक करवा नियमित रूप से डॉक्टर के निर्देश का पालन करें। क्योकि ठंड के मौसम में अक्सर ब्लड प्रेशर बढ़ने से हार्ट अटेक, पैरालाइसिस का खतरा बढ़ जाता है।

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किसी भी लक्षण को हल्के में न ले

अचानक कमजोरी, बोलने में परेशानी या हाथ-पैर सुन्न होने पर तुरंत अस्पताल पहुंचें।ठंड से बचाव ही सबसे बड़ा इलाज है। लापरवाही भारी पड़ सकती है। किसी भी लक्षण को हल्के में न लें और सावधानी बरतें। किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें या अस्पताल पहुंचें।

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  • Maharajganj

Published : 
  • 1 January 2026, 5:58 PM IST