CBI, महाकुंभ से लेकर राजधानी तक: IPS तरुण गाबा ने संभाला पुलिस कमिश्नर का पदभार, बैकग्राउंड जानकर रह जाएंगे हैरान

2001 बैच के IPS अधिकारी तरुण गाबा ने लखनऊ के 5वें पुलिस कमिश्नर का पदभार संभाला। B.E और साइबर लॉ में डिग्रीधारी गाबा CBI और प्रयागराज के कमिश्नर रह चुके हैं। जानिए लखनऊ की सुरक्षा में उनकी तकनीकी दक्षता कैसे काम आएगी।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 29 July 2026, 4:03 PM IST
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Lucknow: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को एक नया आयाम देने के लिए 2001 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी तरुण गाबा ने बुधवार को 5वें पुलिस कमिश्नर के रूप में कार्यभार संभाल लिया है। अपर पुलिस महानिदेशक (सुरक्षा) के पद पर तैनात रहे गाबा को हाल ही में हुए आईपीएस तबादलों के तहत यह अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

अमरिंदर कुमार सेंगर के स्थान पर आए तरुण गाबा की लखनऊ में 11 महीने बाद यह बड़ी वापसी हुई है, जिससे राजधानी पुलिसिंग में बड़े प्रशासनिक और रणनीतिक बदलावों की उम्मीद जग गई है।

इंजीनियरिंग और साइबर लॉ में महारत: टेक-सेवी पुलिसिंग की नई शुरुआत

मूल रूप से चंडीगढ़ के रहने वाले तरुण गाबा की सबसे बड़ी खासियत उनका तकनीकी बैकग्राउंड है। 1976 में जन्मे गाबा ने 'इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इलेक्ट्रिकल कम्यूनिकेशन' से बी.ई. (इंजीनियरिंग) की है। इसके साथ ही उनके पास पुलिस मैनेजमेंट में MDPM और साइबर लॉ में पोस्ट ग्रेजुएशन की डिग्री है।

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उन्होंने प्रतिष्ठित ISB से पब्लिक पॉलिसी का कोर्स भी किया है। साइबर अपराध के इस आधुनिक दौर में लखनऊ पुलिस को उनकी इस तकनीकी दक्षता का सीधा फायदा मिलेगा, जिससे डिजिटल ठगी और हाई-टेक अपराधों पर नकेल कसना आसान होगा।

CBI से महाकुंभ तक: नतीजों के लिए जाने जाते हैं तरुण गाबा

तरुण गाबा को राज्य सरकार के सबसे भरोसेमंद और परिणाम देने वाले अधिकारियों में गिना जाता है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के दौरान उन्होंने लंबे समय तक सीबीआई (CBI) में अपनी सेवाएं दी हैं। 2020 में यूपी कैडर में वापसी के बाद उन्हें गृह सचिव की जिम्मेदारी दी गई थी।

इसके अलावा वे प्रयागराज के दूसरे पुलिस कमिश्नर, पीएसी, एसएसएफ, कारागार प्रशासन और पांच जिलों में पुलिस प्रमुख के रूप में सफल कमान संभाल चुके हैं। प्रयागराज महाकुंभ के दौरान उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए उन्हें 'मुख्यमंत्री महाकुंभ सेवा मेडल' से भी सम्मानित किया जा चुका है।

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पुरस्कारों से सजा करियर

तरुण गाबा को उनकी उत्कृष्ट सेवाओं और अदम्य साहस के लिए 2008 में 'राज्यपाल गोल्ड मेडल फॉर गैलंट्री' और 2017 में 'प्रेसिडेंट पुलिस मेडल' मिल चुका है। पदभार संभालते ही गाबा ने स्पष्ट कर दिया है कि राजधानी में अपराध नियंत्रण, यातायात व्यवस्था में सुधार और आम जनता के लिए पुलिस की सुलभता उनकी पहली प्राथमिकता होगी। तकनीकी समझ और सख्त पुलिसिंग के उनके ट्रैक रिकॉर्ड को देखते हुए माना जा रहा है कि लखनऊ की सुरक्षा व्यवस्था अब और ज्यादा मुस्तैद होगी।

Location :  Lucknow

Published :  29 July 2026, 4:03 PM IST

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