Electricity Crisis: आंधी के 6 दिन बाद भी 250 गांव अंधेरे में, आखिर क्यों नहीं बहाल हो सकी बिजली व्यवस्था?

गोंडा में 24 मई की आंधी के बाद बिजली संकट गहराता जा रहा है। 250 से अधिक गांवों में पांचवें- छठे दिन भी बिजली नहीं पहुंची। लोग पानी, मोबाइल चार्जिंग और जरूरी सुविधाओं के लिए परेशान हैं। कई जगह टूटे तार और गिरे खंभे अब भी खतरा बने हुए हैं।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 31 May 2026, 8:51 AM IST

Lucknow: जिले में 24 मई को आई तेज आंधी का असर पांचवे-छठे दिन के बाद भी बिजली व्यवस्था पर साफ दिखाई दे रहा है। शनिवार को भी तरबगंज तहसील क्षेत्र के 250 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी। भीषण गर्मी के बीच ग्रामीण बिना बिजली के रहने को मजबूर हैं। कई गांवों में लोगों को मोबाइल चार्ज करने और पीने के पानी की व्यवस्था करने में भी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

आंधी से बुरी तरह प्रभावित हुई बिजली व्यवस्था

24 मई को आई आंधी के कारण तरबगंज, मनकापुर और करनैलगंज क्षेत्र की विद्युत व्यवस्था पूरी तरह प्रभावित हो गई थी। तेज हवाओं से कई स्थानों पर बिजली के खंभे टूट गए, ट्रांसफार्मर गिर गए और हाईटेंशन तथा एलटी लाइनें क्षतिग्रस्त हो गईं। नवाबगंज के उमरिया और वजीरगंज के मोहनपुर सहित कई विद्युत उपकेंद्रों के अंतर्गत आने वाले 400 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई थी।

हालांकि विभाग की ओर से लगातार मरम्मत कार्य किया जा रहा है, लेकिन शनिवार तक भी बड़ी संख्या में गांव अंधेरे में डूबे रहे।

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मोहनपुर, उमरिया और तरबगंज उपकेंद्रों से जुड़े गांवों में संकट

तरबगंज तहसील क्षेत्र में बिजली संकट सबसे अधिक बना हुआ है। मोहनपुर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े लगभग 100 गांवों में अभी तक बिजली आपूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।

उमरिया विद्युत उपकेंद्र क्षेत्र के चकशिवरहा, कटरा भोगचंद्र, इस्माइलपुर, लोलपुर उमरिया, काजीपुर, खड़ौआ, अकबरपुर, बैजलपुर और कोल्हमपुर सहित दर्जनों ग्राम पंचायतों के करीब 100 गांव भी बिजली संकट से जूझ रहे हैं।

इसके अलावा तरबगंज विद्युत उपकेंद्र से जुड़े लगभग 50 गांवों में भी आपूर्ति प्रभावित बनी हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार पांच दिन से बिजली न मिलने से दैनिक जीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।

लटकते तारों से हादसे का खतरा

शाहपुर गांव निवासी अंकुर पाठक ने बताया कि फिदाईपुर क्षेत्र में हाईटेंशन लाइन के तार नीचे लटक रहे हैं, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। खतरे को देखते हुए ग्रामीणों ने स्वयं बांस-बल्ली लगाकर तारों को कुछ ऊंचा करने का प्रयास किया है।

वहीं रामपुर गांव निवासी सौरभ शुक्ल ने आरोप लगाया कि एलटी लाइन जोड़ने के लिए लाइनमैन द्वारा पैसे की मांग की जा रही है। हालांकि इस संबंध में विभाग की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है।

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विभाग का दावा, तेजी से चल रहा मरम्मत कार्य

एसडीओ पीयूष सिंह ने बताया कि क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत के लिए टीमें लगाई गई हैं। प्रभावित क्षेत्रों में जल्द से जल्द बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए आवश्यक प्रयास किए जा रहे हैं।

तरबगंज के एसडीओ मुकेश कुमार ने कहा कि अधिकांश मुख्य लाइनें चालू कर दी गई हैं और जिन मजरों में अब भी बिजली नहीं पहुंची है, वहां भी कार्य तेजी से कराया जा रहा है।

पांच दिन बाद भी सड़कों से नहीं हटे गिरे पेड़

बेलसर क्षेत्र में गोंडा-बेलसर मार्ग पर टिनवा कुआं, नगिया और दुर्गा नगर सहित कई स्थानों पर गिरे पेड़ और बिजली के तार अब तक नहीं हटाए जा सके हैं। तरबगंज के वन क्षेत्राधिकारी रज्जन लाल ने बताया कि मार्गों पर गिरे पेड़ों को जल्द हटाने की कार्रवाई की जाएगी।

अघोषित कटौती और तार चोरी से बढ़ी परेशानी

परसपुर के त्योरासी फीडर तथा धानेपुर नगर क्षेत्र के वार्ड-एक में अघोषित बिजली कटौती और लो-वोल्टेज की समस्या से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी झेलनी पड़ रही है। पानी की आपूर्ति भी प्रभावित हो गई है।

उधर, वजीरगंज क्षेत्र में बिजली तार चोरी की घटना भी सामने आई है। मोहनपुर विद्युत उपकेंद्र के अवर अभियंता अजय कुमार गुप्ता ने बताया कि 28 मई की रात किशुनदासपुर के पास लगभग 1600 मीटर विद्युत तार चोरी हो गया। मामले में वजीरगंज थाने में तहरीर दी गई है। थानाध्यक्ष विपुल कुमार पांडेय ने बताया कि शिकायत के आधार पर जांच कराई जा रही है।

Location :  Lucknow

Published :  31 May 2026, 8:51 AM IST