Lucknow: पंचायत चुनाव के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन, ये बने आयोग के अध्यक्ष

यूपी में पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। योगी सरकार ने UP राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन किया है। यह आयोग 6 माह के अंदर OBC आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट देगा।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 21 May 2026, 12:18 AM IST
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Lucknow:  यूपी में पंचायत चुनाव से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। राज्य में स्थानीय ग्रामीण निकाय के लिए पिछड़ा वर्ग आयोग का गठन कर दिया गया है। इलाहाबाद हाई कोर्ट के रिटायर जज राम औतार सिंह को आयोग का अध्यक्ष बनाया गया है। अध्यक्ष के अलावा आयोग में चार सदस्यों की नियुक्ति की गई है जिसमें दो रिटायर्ड अपर जिला जज और दो रिटायर्ड आईएएस  सदस्य बनाए गए हैं।  इनकी  6 माह के लिए नियुक्ति की गई है।

आयोग में हैं ये सदस्य

रिटायर्ड ADJ ब्रजेश कुमार और संतोष विश्वकर्मा सदस्य बने। रिटायर्ड IAS अरविन्द चौरसिया और एसपी सिंह भी सदस्य बनाए गए हैं। प्रमुख सचिव पंचायती राज अनिल कुमार ने समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के गठन का आदेश जारी किया।

ये नियुक्ति त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में OBC आरक्षण के लिए समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग में की गई है।  इनकी नियुक्ति पदभार ग्रहण करने की तिथि से 6 माह के लिए हुई है। आयोग पंचायत निकायों में अन्य पिछड़ा वर्ग के पिछड़ेपन की प्रकृति और प्रभावों का अध्ययन करेगा। पिछड़ा वर्ग आयोग 6 माह के अंदर OBC आरक्षण पर अपनी रिपोर्ट देगा।

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शासन को भेजा प्रस्ताव

पंचायती राज मंत्री ओमप्रकाश राजभर के मुताबिक विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेजा है जिसमें प्रशासकों के माध्यम से ग्राम प्रधानों और प्रमुखों का कार्यकाल बढ़ाया जाए। राजभर ने कहा कि सपा ने पंचायत चुनाव टालने के लिए हाईकोर्ट में याचिका डलवाई थी। ग्राम प्रधानों का कार्यकाल 26 मई को खत्म हो जाएगा।

शासन को प्रशासक समिति के माध्यम से पंचायत प्रतिनिधियों को सौंपने का प्रस्ताव भेजा गया। ग्राम प्रधान के साथ ब्लॉक प्रमुख और जिला पंचायत अध्यक्षों का कार्यकाल भी प्रशासक समिति के माध्यम से बढ़ेगा। ऐसी स्थिति में पंचायत चुनाव विधानसभा चुनाव के बाद होने की उम्मीद है।

OBC आरक्षण पर पेश करेगा अपनी रिपोर्ट

पंचायती राज विभाग की जारी अधिसूचना के मुताबिक यह आयोग ग्रामीण स्थानीय निकायों के आगामी चुनाव से पूर्व सभी ग्रामीण निकायों में पिछड़े वर्गों के प्रतिनिधित्व के बारे में आंकड़ों और तथ्यों के आधार पर अध्ययन और जांच करेगा।

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अध्ययन के क्रम में केंद्रीय व राज्य सरकार के कार्यालयों, विभिन्न संगठनों, संस्थाओं, व्यक्तियों, विशेषज्ञों, शोधकर्ताओं के साथ ही मान्यताप्राप्त शोध संस्थानों की सहायता ले सकता है। राज्य के अंदर और अन्य राज्यों में अध्ययन यात्रा भी कर सकेगा।  आयोग अपनी रिपोर्ट तीन माह के अंदर या राज्य सरकार द्वारा निर्धारित अवधि में देगा।

Location :  Lucknow

Published :  20 May 2026, 11:41 PM IST

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