
प्रेस वार्ता
Muzaffarnagar : जिले में किसान मजदूर संगठन ने एक बार फिर सरकार और प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने शनिवार को रुड़की रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में प्रेस वार्ता कर किसानों और मजदूरों से जुड़ी अलग-अलग समस्याओं को जोरदार तरीके से उठाया। इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि अगर जल्द ही समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो 2 जुलाई को पूरे उत्तर प्रदेश में जिला मुख्यालयों पर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। जिसकी शुरुआत मुजफ्फरनगर कलेक्ट्रेट से होगी।
मुजफ्फरनगर में किसान मजदूर संगठन ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए 2 जुलाई को यूपी के सभी जिला मुख्यालयों पर बड़े आंदोलन की घोषणा की है। संगठन ने काली-हिंडन नदी प्रदूषण, खाद संकट, बिजली व्यवस्था और चकबंदी में अनियमितताओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर ज्ञापन… pic.twitter.com/8N01iyGajc
— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) June 13, 2026
प्रेस वार्ता के दौरान ठाकुर पूरण सिंह ने क्षेत्र से गुजरने वाली काली और हिंडन नदियों के बढ़ते प्रदूषण पर गंभीर चिंता जताई। उनका कहना था कि इन नदियों में बढ़ता प्रदूषण अब लोगों की सेहत पर सीधा असर डाल रहा है और आसपास के इलाकों में गंभीर बीमारियां फैल रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदूषण नियंत्रण के नाम पर केवल कागजी कार्रवाई हो रही है, जबकि जमीनी स्तर पर हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं।
किसान मजदूर संगठन ने सबसे बड़ा मुद्दा समय पर यूरिया और खाद की उपलब्धता का उठाया। संगठन का कहना है कि किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। जिससे उनकी फसलें प्रभावित हो रही हैं और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में खाद की किल्लत को लेकर किसानों में लगातार नाराजगी बढ़ती जा रही है।
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प्रेस वार्ता में चकबंदी प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर आरोप लगाए गए। संगठन ने कहा कि कई गांवों में पिछले 10 सालों से चकबंदी चल रही है, लेकिन अब तक किसानों की समस्याओं का समाधान नहीं हो सका है और भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। इसके साथ ही बिजली व्यवस्था पर भी सवाल उठाए गए। संगठन का कहना है कि जर्जर बिजली लाइनें, ट्रांसफार्मर फूंकने की घटनाएं और लगातार फाल्ट से ग्रामीण उपभोक्ता परेशान हैं। वहीं नहरों में पर्याप्त पानी न मिलने के कारण सिंचाई व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।
संगठन ने जिले में चल रही प्रदूषण फैलाने वाली फैक्ट्रियों पर भी सवाल खड़े किए। उन्होंने मांग की कि इन फैक्ट्रियों में काम करने वाले कर्मचारियों की स्थिति और वेतन संबंधी जानकारी सार्वजनिक की जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे। संगठन ने साफ कहा कि अगर प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
किसान मजदूर संगठन राष्ट्रीय अध्यक्ष ठाकुर पूरण सिंह ने कहा कि किसानों और मजदूरों की समस्याओं को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है। इसलिए अब सड़कों पर उतरकर संघर्ष करना ही एकमात्र विकल्प बचा है।
Location : Muzaffarnagar
Published : 14 June 2026, 1:28 AM IST