यूपी के कन्नौज जिले में अंतरराष्ट्रीय युद्ध के असर से पेट्रोल-डीजल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल है। पंपों पर लगी लंबी कतारों और पैनिक बाइंग के बीच प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।

कन्नौज में पेट्रोल- डीजल संकट फोटो सोर्स- (डाइनामाइट न्यूज़)
Kannauj: वैश्विक स्तर पर इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब उत्तर प्रदेश के इत्र नगरी कहे जाने वाले कन्नौज जिले में भी साफ तौर पर देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर छिड़े इस युद्ध की आहट ने स्थानीय नागरिकों के मन में ईंधन की किल्लत को लेकर गहरा डर पैदा कर दिया है। पिछले 24 घंटों से जिले के लगभग सभी पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिससे अफरा-तफरी जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है।
सोशल मीडिया और समाचारों के माध्यम से इजराइल-ईरान संघर्ष की खबरें फैलते ही कन्नौज के लोगों को यह डर सताने लगा है कि आने वाले समय में कच्चे तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसी आशंका के चलते शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक के पेट्रोल पंपों पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखी जा रही हैं। लोग न केवल अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल करवा रहे हैं, बल्कि भविष्य की सुरक्षा के लिए डिब्बों और कैनों में भी भारी मात्रा में पेट्रोल-डीजल का स्टॉक कर रहे हैं।
जिले के मुख्य चौराहों और हाईवे पर स्थित पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही अफरा-तफरी का माहौल बना हुआ है। कई जगहों पर स्थिति इतनी बिगड़ गई कि वाहनों की कतारों की वजह से सड़क पर जाम की स्थिति पैदा हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि लोग सामान्य दिनों की तुलना में कहीं ज्यादा ईंधन खरीद रहे हैं। एक स्थानीय नागरिक ने बताया, "हमें डर है कि अगर युद्ध लंबा चला तो पेट्रोल के दाम आसमान छू लेंगे या सप्लाई पूरी तरह बंद हो जाएगी, इसलिए हम पहले से इंतजाम कर रहे हैं।"
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— डाइनामाइट न्यूज़ हिंदी (@DNHindi) March 27, 2026
हैरानी की बात यह है कि वर्तमान में तेल कंपनियों या जिला प्रशासन की ओर से ईंधन की कमी को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान या चेतावनी जारी नहीं की गई है। सप्लाई चेन पूरी तरह से सुचारू है और डिपो से तेल की आवक सामान्य बनी हुई है। जानकारों का मानना है कि यह केवल एक 'पैनिक बाइंग' (डर में की गई खरीदारी) की स्थिति है, जो महज अफवाहों और वैश्विक अस्थिरता के डर से पैदा हुई है।
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बाजार विशेषज्ञों का कहना है कि अगर लोग इसी तरह जरूरत से ज्यादा तेल का भंडारण करते रहे, तो बाजार में 'कृत्रिम कमी' (Artificial Scarcity) पैदा हो सकती है। जब एक साथ सभी लोग स्टॉक करने लगते हैं, तो पंपों का मौजूदा रिजर्व स्टॉक जल्दी खत्म हो जाता है, जिससे उन लोगों को परेशानी होती है जिन्हें वास्तव में तत्काल ईंधन की आवश्यकता है।