गोरखपुर पुलिस को “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। वर्ष 2014 के बहुचर्चित हत्या मामले में अदालत ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। साक्ष्यों के सुव्यवस्थित संकलन, गवाहों की समय पर पेशी और अभियोजन की प्रभावी दलीलों के चलते यह फैसला संभव हुआ।

ऑपरेशन कनविक्शन के तहत बड़ी सफलता
Gorakhpur: जिले में 12 वर्ष पुराने बहुचर्चित हत्या कांड में अदालत के ऐतिहासिक फैसले ने न्याय की उम्मीद को मजबूत किया है। “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत प्रभावी पैरवी करते हुए पुलिस ने वर्ष 2014 के इस मामले में दो अभियुक्तों को दोषी सिद्ध कराया, जिस पर न्यायालय ने आजीवन कारावास के साथ दोनों पर 25-25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। यह मामला मु.अ.सं. 318/2014 के तहत धारा 302, 34 और 201 भादवि में दर्ज किया गया था।
माननीय अपर जनपद एवं सत्र न्यायाधीश/विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम) कोर्ट संख्या-2, गोरखपुर ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर राहुल पुत्र सुकरन निषाद निवासी करहिया थाना चिलुआताल और सत्यवान पाठक पुत्र हंसराज पाठक निवासी अमरपुर थाना बांसगांव को दोषी ठहराया। अदालत के फैसले ने यह स्पष्ट कर दिया कि अपराध चाहे कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के हाथ लंबे होते हैं और न्याय में देरी के बावजूद दोषियों को सजा मिलती है।
यह सफलता पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे ऑपरेशन कनविक्शन अभियान का हिस्सा है। इस अभियान का उद्देश्य लंबित और गंभीर आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गोरखपुर के निर्देशन में थाना स्तर पर पैरोकारों और मॉनिटरिंग सेल ने लगातार समन्वय बनाकर मामले की मजबूत पैरवी सुनिश्चित की।
Sonbhadra में खेल बना काल: झूले ने ली मासूम की जान, जानिए ऐसा क्या हुआ
मामले में साक्ष्यों का व्यवस्थित संकलन, केस डायरी की सटीक तैयारी और गवाहों की समय पर अदालत में उपस्थिति ने निर्णायक भूमिका निभाई। अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) अजीत प्रताप शाही की प्रभावी बहस को अदालत ने महत्वपूर्ण माना, जिसके चलते दोनों अभियुक्तों को कठोर सजा सुनाई गई।
गोरखपुर पुलिस की इस उपलब्धि को कानून-व्यवस्था की मजबूती की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाना उनकी प्राथमिकता है और भविष्य में भी ऑपरेशन कनविक्शन के तहत पुराने मामलों की तेजी से सुनवाई कराई जाएगी।
Gorakhpur: ऑपरेशन कनविक्शन के तहत परिजनों को मिला न्याय, हत्या के दो दोषियों को मिली ये सजा
पुलिस प्रशासन के अनुसार, ऐसे फैसलों से न केवल पीड़ित परिवारों को न्याय मिलता है बल्कि समाज में कानून का भय भी बना रहता है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अपराधियों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और लंबित मामलों में ठोस साक्ष्य व प्रभावी पैरवी के जरिए न्याय दिलाने का अभियान जारी रहेगा।