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गोरखपुर के गोडियाना घाट पर सरयू नदी में नहाने के दौरान डूबे 17 वर्षीय प्रिंस शुक्ला का शव 24 घंटे बाद बरामद हुआ। एसडीआरएफ टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को खोज निकाला। इस घटना से पूरे गांव में शोक की लहर है और घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
सरयू में समा गया मासूम (IMG: Dynamite News)
Gorakhpur: गोरखपुर में सरयू नदी का शांत दिखने वाला पानी एक बार फिर खौफनाक साबित हुआ। एक पल पहले दोस्तों के साथ हंसता-खेलता 17 साल का किशोर और अगले ही पल गहराई में समा गया। चीख-पुकार, अफरा-तफरी और बेबसी के बीच आंखों के सामने एक जिंदगी खत्म हो गई। करीब 24 घंटे बाद शव मिला।
गोरखपुर के गोला थाना क्षेत्र स्थित सरयू तट के गोडियाना घाट पर डूबे 17 वर्षीय प्रिंस शुक्ला का शव करीब 24 घंटे बाद बरामद किया गया। शव मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। एसडीआरएफ टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद शव को उस स्थान से लगभग आधा किलोमीटर दूर खोज निकाला, जहां वह डूबा था।
जानकारी के मुताबिक, प्रिंस शुक्ला मंगलवार को अपने दोस्तों के साथ नऊवाबाबा की कुटी के पास सरयू नदी में स्नान करने गया था। सरयू नदी में उस समय पानी का बहाव तेज था। नहाने के दौरान अचानक प्रिंस गहरे पानी में चला गया और देखते ही देखते लापता हो गया। दोस्तों ने शोर मचाया तो आसपास के लोग दौड़ पड़े, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
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घटना की सूचना मिलते ही गोला थाना पुलिस और तहसील प्रशासन की टीम मौके पर पहुंच गई। हालात की गंभीरता को देखते हुए एसडीआरएफ टीम को बुलाया गया। एसडीआरएफ के एसआई निसार अहमद के नेतृत्व में टीम ने मंगलवार शाम करीब सवा पांच बजे से सर्च ऑपरेशन शुरू किया। तेज बहाव और नदी की गहराई ने इस अभियान को बेहद मुश्किल बना दिया।
बताया जा रहा है कि प्रिंस शुक्ला अपने परिवार में सबसे छोटा था। उसने हाल ही में हाईस्कूल की परीक्षा दी थी और आगे के सपनों को लेकर उत्साहित था। उसकी अचानक मौत ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है। हर कोई इस घटना से स्तब्ध है और परिवार के दर्द को महसूस कर रहा है।
घटना की खबर मिलते ही दिल्ली में रह रहे पिता संतोष शुक्ला तुरंत गांव के लिए रवाना हो गए और घर पहुंचते ही बेटे के शव को देखकर टूट पड़े। वहीं, हिमाचल प्रदेश में रह रहे दादा राधेश्याम भी गांव के लिए निकल चुके हैं। परिवार में मातम का माहौल है और घर पर लोगों का तांता लगा हुआ है।
शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे अपने कब्जे में ले लिया। परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते थे, लेकिन थाना प्रभारी राकेश रौशन सिंह ने साफ किया कि कानूनी प्रक्रिया के तहत पोस्टमार्टम अनिवार्य है। इसके बाद पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।