नेपाल दौरे के बाद सोनौली सीमा से भारत लौटे लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान, दोनों देशों के सैन्य रिश्तों को मिली नई मजबूती

नेपाल के आधिकारिक दौरे के बाद भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान सोनौली सीमा के रास्ते भारत लौटे। दौरे के दौरान उन्होंने पूर्व सैनिकों, भारतीय दूतावास और रक्षा अधिकारियों से मुलाकात कर भारत-नेपाल सैन्य सहयोग एवं ऐतिहासिक संबंधों को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 7 June 2026, 12:17 PM IST

Maharajganj: भारतीय सेना के लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान नेपाल के आधिकारिक दौरे के बाद रविवार को सड़क मार्ग से सोनौली सीमा होते हुए भारत पहुंचे और गोरखपुर के लिए रवाना हुए। उनके आगमन को लेकर सीमा क्षेत्र में सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे।

लेफ्टिनेंट जनरल चौहान, सामरिक बल कमान (एसएफसी) के उप कमांडर-इन-चीफ, गोरखा ब्रिगेड के अध्यक्ष तथा 1 गोरखा राइफल्स के कर्नल के रूप में नेपाल के आधिकारिक दौरे पर गए थे। इस दौरान उन्होंने सैन्य अधिकारियों, पूर्व सैनिकों और विभिन्न हितधारकों से मुलाकात कर भारत-नेपाल सैन्य सहयोग को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।

धान की रखवाली करने गया था 12 साल का आयुष, खेत में कुछ ऐसा हुआ कि परिवार पर टूट पड़ा दुखों का पहाड़

पूर्व सैनिकों से की बातचीत 

नेपाल प्रवास के दौरान उन्होंने गोरखा समुदाय के पूर्व सैनिकों से मुलाकात की और राष्ट्र सेवा में उनके योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इस अवसर पर दोनों देशों के बीच गोरखा रेजिमेंटों के माध्यम से स्थापित ऐतिहासिक और भावनात्मक संबंधों को भी रेखांकित किया गया।

सैन्य अधिकारियों के साथ लेफ्टिनेंट जनरल संजीव चौहान (Img: Dynamite News)

भारतीय दूतावास और रक्षा विभाग का किया दौरा

अपने दौरे के दौरान लेफ्टिनेंट जनरल चौहान ने काठमांडू स्थित भारतीय दूतावास काठमांडू का भी दौरा किया। यहां उन्होंने भारत के राजदूत के साथ द्विपक्षीय हितों और सहयोग के विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। इसके अलावा दूतावास के रक्षा विभाग में चल रही रक्षा सहयोग परियोजनाओं और संयुक्त गतिविधियों की भी जानकारी प्राप्त की।

रायबरेली पुलिस महकमे में बड़ा फेरबदल! SP रवि कुमार का बड़ा चाबुक, एक झटके में 400 से ज्यादा पुलिसकर्मी बदले

सैन्य सहयोग और ऐतिहासिक रिश्तों को मिला बल

यह दौरा भारत और नेपाल के बीच साझा इतिहास, सैन्य परंपराओं और आपसी विश्वास पर आधारित संबंधों को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भारतीय सेना की ओर से यह संदेश भी दिया गया कि दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग और जन-जन के संबंध भविष्य में और अधिक सुदृढ़ होंगे।

Location :  Maharajganj

Published :  7 June 2026, 12:16 PM IST