गोरखपुर: अस्पताल में मौत पर बवाल, लापरवाही का आरोप…समझौते से थमा विवाद

जनपद के सिकरीगंज क्षेत्र स्थित शुभम हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया।घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया...पढिए पूरी खबर

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 22 April 2026, 5:59 PM IST

Gorakhpur News:  जनपद के सिकरीगंज क्षेत्र स्थित शुभम हॉस्पिटल में एक मरीज की मौत के बाद बुधवार को जमकर हंगामा हो गया। परिजनों ने डॉक्टर पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ आक्रोश जताया।घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर जुट गए।

क्या है पूरी घटना?

मिली जानकारी के अनुसार, संत कबीरनगर जनपद के धनघटा थाना क्षेत्र निवासी फूला देवी अपने पुत्र पंकज को इलाज के लिए मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बनकटी बुजुर्ग स्थित शुभम हॉस्पिटल लेकर आई थीं। परिजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान डॉक्टरों ने सही तरीके से ध्यान नहीं दिया, जिससे दोपहर करीब 3 बजे पंकज की मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजन आक्रोशित हो उठे और अस्पताल में हंगामा शुरू कर दिया।

प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित

परिजनों का कहना था कि यदि समय रहते सही इलाज मिलता तो पंकज की जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल की कार्यप्रणाली और डॉक्टर की योग्यता पर भी सवाल उठाए। कुछ देर के लिए हालात तनावपूर्ण हो गए, हालांकि स्थानीय लोगों और प्रशासन के हस्तक्षेप से स्थिति को नियंत्रित किया गया।

अस्पताल की वैधता को लेकर भी सवाल

इस बीच अस्पताल की वैधता को लेकर भी सवाल खड़े होने लगे। लोगों में चर्चा रही कि आखिर निजी अस्पताल किस आधार पर संचालित हो रहा है और क्या सभी मानकों का पालन किया जा रहा है। हालांकि इस मामले में जिम्मेदार अधिकारी शुरू में कुछ भी बोलने से बचते नजर आए।

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वहीं, मामले को लेकर जब एसडीएम खजनी से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया है। मृतक के परिजनों ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर दिया है और किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई की मांग नहीं की है।

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कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई सवाल

दूसरी ओर, सीएमओ डॉ. राजेश झा ने स्पष्ट किया कि शुभम हॉस्पिटल विधिक रूप से संचालित है और वहां तैनात डॉक्टर योग्य हैं। उन्होंने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जा रही है और यदि किसी प्रकार की लापरवाही पाई जाती है तो आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।फिलहाल समझौते के बाद मामला शांत जरूर हो गया है, लेकिन इस घटना ने निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली और स्वास्थ्य व्यवस्था पर कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

Location :  गोरखपुर

Published :  22 April 2026, 5:59 PM IST