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प्रतीकात्मक छवि
Gorakhpur: गोरखपुर पुलिस द्वारा प्रभावी पैरवी और मजबूत साक्ष्यों के दम पर वर्ष 2017 के एक अहम गैर इरादतन हत्या मामले में न्यायालय ने बड़ा फैसला सुनाया है। थाना पिपराइच में दर्ज मुकदमा संख्या 131/2017 के तहत अभियुक्त जुल्फिकार अली और इनायत अली को दोषी ठहराते हुए माननीय न्यायालय ने दोनों को 5-5 वर्ष के कठोर कारावास एवं 10-10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। यह फैसला उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है।
यह मामला थाना पिपराइच क्षेत्र के ग्राम समदार खुर्द से जुड़ा है, जहां वर्ष 2017 में आपसी विवाद के दौरान मारपीट की घटना हुई थी। इस घटना में पीड़ित को गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद इलाज के दौरान उसकी मृत्यु हो गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धारा 323, 504, 308 व 304 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर विवेचना पूर्ण की और आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देशन में चल रहे ऑपरेशन कनविक्शन के तहत, पुलिस उप महानिरीक्षक/वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर के नेतृत्व में इस मामले की सतत मॉनिटरिंग की गई। थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल द्वारा न्यायालय में साक्ष्यों की प्रभावी प्रस्तुति की गई, जिसके परिणामस्वरूप अभियोजन पक्ष का मामला मजबूत साबित हुआ।
माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश/एफटीसी-II, गोरखपुर ने अभियोजन एवं बचाव पक्ष की दलीलों को सुनने के बाद दोनों अभियुक्तों जुल्फिकार अली पुत्र युसूफ और इनायत अली पुत्र युसूफ को अपराध का दोषी करार दिया। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि इस प्रकार के अपराधों में कठोर दंड समाज में कानून का भय स्थापित करने के लिए आवश्यक है।
इस मामले में अभियोजन की ओर से अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (ADGC) श्री रमेश कुमार सिंह की भूमिका सराहनीय रही। उनकी सशक्त पैरवी और सटीक कानूनी तर्कों ने दोषसिद्धि में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गोरखपुर पुलिस का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन के तहत लंबित और पुराने मामलों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए आगे भी इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि अपराधियों में कानून का भय और आम जनता में न्याय के प्रति विश्वास और मजबूत हो सके।
Location : Gorakhpur
Published : 13 January 2026, 2:26 PM IST