बच्चों की पहचान छिपाना होगी पहली जिम्मेदारी… गोरखपुर में पुलिस ने बाल सुरक्षा को लेकर कसे अफसरों के पेंच

गोरखपुर में बच्चों की सुरक्षा और मानव तस्करी रोकने को लेकर पुलिस ने बड़ा कदम उठाया है। समीक्षा बैठक में अधिकारियों को कई अहम निर्देश दिए गए, जिनमें बच्चों की पहचान गोपनीय रखने और पॉक्सो मामलों में तेजी से कार्रवाई पर खास जोर रहा।

Post Published By: Nidhi Kushwaha
Updated : 27 July 2026, 4:16 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर में बच्चों की सुरक्षा, मानव तस्करी की रोकथाम और किशोर न्याय से जुड़े मामलों को अधिक प्रभावी बनाने के लिए सोमवार को रिजर्व पुलिस लाइन स्थित व्हाइट हाउस सभागार में स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट (SJPU) एवं एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग (AHT) की मासिक समीक्षा एवं समन्वय बैठक आयोजित की गई। इस बैठक की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक अपराध सुधीर जायसवाल ने की।

बैठक में ये हुए शामिल

बैठक में जिले के सभी थाना प्रभारियों, बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों (CWPO), विवेचकों और संबंधित विभागों के अधिकारियों को किशोर न्याय (बालकों की देखरेख एवं संरक्षण) अधिनियम, 2015 की धारा-74 का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को स्पष्ट रूप से बताया गया कि किसी भी परिस्थिति में कानून का उल्लंघन करने वाले बच्चे की पहचान, फोटो या व्यक्तिगत अभिलेख सार्वजनिक नहीं किए जाएं। ऐसा करना कानून का उल्लंघन माना जाएगा।

ये भी पढ़ें- 10 तेंदुए की खाल ने खोले तस्करी के बड़े राज? हाईवे के पास पकड़े गए नेटवर्क की जांच से मचा हड़कंप

इन विषयों पर हुई चर्चा

समीक्षा के दौरान विशेष किशोर पुलिस इकाई (SJPU) और बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों के कार्यों एवं जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक अपराध ने कहा कि बच्चों से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता, गोपनीयता और त्वरित कार्रवाई सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने सभी थानों को निर्देश दिया कि पॉक्सो एक्ट के प्रत्येक मामले में बाल कल्याण समिति (CWC) के समक्ष शत-प्रतिशत रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित बच्चों को समय पर कानूनी संरक्षण और आवश्यक सहायता मिल सके।

बैठक में अनुसंधान और अभियोजन के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों, बाल कल्याण पुलिस अधिकारियों एवं विवेचकों के समक्ष उत्पन्न चुनौतियों, बाल श्रम, भिक्षावृत्ति तथा मानव तस्करी की रोकथाम के लिए प्रभावी समन्वय पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया गया। साथ ही विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित कर बच्चों से जुड़े मामलों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण पर जोर दिया गया।

ये भी पढ़ें- जिस हाथ ने चलना सिखाया, उसी ने ले ली पिता की जान; बलरामपुर में कलयुगी बेटे के गुस्से ने उजाड़ दिया हंसता-खेलता परिवार

इस अवसर पर बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) के सदस्य, समाज कल्याण विभाग एवं श्रम विभाग के अधिकारी, डीसीआरबी प्रभारी विवेक मलिक, एएचटी थाना प्रभारी निरीक्षक कमलेश कुमार, जिले के सभी बाल कल्याण पुलिस अधिकारी, संबंधित विवेचक और अन्य संबद्ध संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। बैठक में सभी अधिकारियों से बच्चों के अधिकारों की रक्षा, मानव तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने और बाल संरक्षण तंत्र को और अधिक मजबूत बनाने के लिए समन्वित रूप से कार्य करने का आह्वान किया गया।

Location :  Gorakhpur

Published :  27 July 2026, 4:16 PM IST