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गोरखपुर पुलिस ने अपराध पर नकेल कसते हुए पांच शातिर अपराधियों को “दुराचारी” घोषित कर ‘बी’ हिस्ट्रीशीट जारी की। इन अपराधियों की गतिविधियों पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई होगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ
Gorakhpur: अपराध की साये में पनप रहे शातिर तत्वों के खिलाफ पुलिस ने बड़ा दांव खेला है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ के निर्देशन में जिले के रामगढ़ताल और शाहपुर क्षेत्रों के पांच खतरनाक अपराधियों को “दुराचारी” घोषित कर उनकी गतिविधियों पर कड़ी निगरानी के लिए ‘बी’ हिस्ट्रीशीट जारी कर दी गई है। इन अपराधियों के नाम हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, गैंगेस्टर एक्ट और आर्म्स एक्ट जैसी गंभीर वारदातों में दर्ज मुकदमों में शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार, थाना रामगढ़ताल और शाहपुर क्षेत्र से जुड़े जिन अपराधियों के खिलाफ यह कार्रवाई की गई है। उनमें नितिन कुमार मिश्रा, मन्तोष ठाकुर, अंकित पासवान उर्फ मण्टू, अम्बिका पासवान और शुभम श्रीवास्तव शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट, लूट, चोरी, मारपीट और आपराधिक षड्यंत्र जैसे गंभीर मामलों में मुकदमे दर्ज रहे हैं।
सबसे लंबा आपराधिक इतिहास मन्तोष ठाकुर का बताया गया है। जिसके विरुद्ध वर्ष 2008 से लेकर 2022 तक हत्या, हत्या के प्रयास, गैंगेस्टर एक्ट, आर्म्स एक्ट तथा चोरी और लूट की कई वारदातों में मुकदमे दर्ज हैं। वहीं नितिन कुमार मिश्रा, अंकित पासवान, अम्बिका पासवान और शुभम श्रीवास्तव के खिलाफ भी गैंगेस्टर एक्ट एवं बीएनएस की अलग-अलग धाराओं के तहत कार्रवाई हो चुकी है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि ‘बी’ हिस्ट्रीशीट का उद्देश्य अपराधियों की सतत निगरानी, उनकी गतिविधियों का सत्यापन और क्षेत्र में कानून-व्यवस्था बनाए रखना है। हिस्ट्रीशीट खुलने के बाद संबंधित थाने की पुलिस नियमित रूप से इनकी गतिविधियों पर नजर रखेगी और संदिग्ध गतिविधि मिलने पर तत्काल कानूनी कार्रवाई करेगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ कौस्तुभ ने स्पष्ट किया कि जनपद में अपराध और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। जो भी व्यक्ति संगठित अपराध या समाज विरोधी गतिविधियों में लिप्त पाया जाएगा। उसके खिलाफ कठोरतम वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।