Gorakhpur: पीपीगंज के इस अपराधी की खुली हिस्ट्रीशीट, जानें क्या है ‘बी’ श्रेणी की निगरानी

गोरखपुर पुलिस ने जालसाजों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। एसएसपी के निर्देश पर पीपीगंज के शातिर अपराधी अभिषेक श्रीवास्तव की 'बी' हिस्ट्रीशीट खोलकर उसे 'दुराचारी' घोषित किया गया। जानें अब कैसे होगी उसकी निगरानी।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 14 April 2026, 8:39 AM IST

गोरखपुर: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) डॉ. कौस्तुभ के निर्देशन में जनपद पुलिस अपराधियों पर नकेल कसने के लिए लगातार आक्रामक रुख अपनाए हुए है। इसी क्रम में थाना पीपीगंज पुलिस ने एक शातिर अपराधी को "दुराचारी" घोषित करते हुए उसकी "बी" हिस्ट्रीशीट खोल दी है। आरोपी के लंबे आपराधिक इतिहास और लगातार अवैध गतिविधियों में संलिप्तता को देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।

कौन है हिस्ट्रीशीटर अभिषेक श्रीवास्तव?

पुलिस अभिलेखों के अनुसार, पीपीगंज कस्बे के टीचर कॉलोनी का निवासी अभिषेक श्रीवास्तव पुत्र शैलेन्द्र श्रीवास्तव लंबे समय से आर्थिक अपराधों और जालसाजी की घटनाओं को अंजाम दे रहा था। आरोपी पर धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और धमकी देने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। पुलिस ने उसे समाज के लिए खतरा मानते हुए अब उसकी निगरानी का दायरा बढ़ा दिया है।

हैंडपंप से पानी भर रही थी छात्रा… अचानक हुआ कुछ ऐसा कि थम गई सांसें, फरेंदा के स्कूल में मचा कोहराम

धोखाधड़ी से लेकर जालसाजी तक दर्ज हैं मुकदमे

अभिषेक श्रीवास्तव के खिलाफ वर्ष 2025 में ही धोखाधड़ी और अमानत में खयानत (धारा 406, 420) के कई मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा, उस पर कूटरचित दस्तावेज तैयार करने (धारा 467, 468) और गाली-गलौज व धमकी देने (धारा 504, 506) के तहत भी मुकदमे लंबित हैं। वर्ष 2020 में भी उसके विरुद्ध मारपीट का मामला दर्ज हुआ था। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने कई लोगों को आर्थिक रूप से ठगा है।

Maharajganj: तीन युवक, एक बाइक और एक भयानक अंत: क्या तेज रफ्तार के जुनून ने ली तीन घरों के चिरागों की जान

अब कैसे होगी निगरानी?

उत्तर प्रदेश पुलिस नियमावली के तहत 'बी' (B) हिस्ट्रीशीट उन आदतन अपराधियों की खोली जाती है जिनके सुधारने की संभावना कम होती है और जो डकैती या जालसाजी जैसे अपराधों में बार-बार शामिल रहते हैं। इसके बाद अपराधी पुलिस की सीधी और कड़ी निगरानी में आ जाता है। अब उसके आने-जाने, संपर्कों और दैनिक गतिविधियों का विस्तृत रिकॉर्ड रखा जाएगा। इस प्रक्रिया में स्थानीय पुलिस के साथ खुफिया तंत्र (LIU) भी सक्रिय रहता है और अपराधी को समय-समय पर थाने में हाजिरी देनी पड़ती है ताकि उसकी गतिविधियों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।

एसएसपी का सख्त संदेश

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि जनपद में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए आदतन अपराधियों को चिन्हित करने का काम जारी है। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ के नेतृत्व में चल रहे इस अभियान के तहत अन्य अपराधियों के खिलाफ भी ऐसी ही कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का मुख्य उद्देश्य आम जनता को सुरक्षित माहौल प्रदान करना और अपराधियों के मन में कानून का खौफ पैदा करना है।

Location :  Gorakhpur

Published :  14 April 2026, 8:39 AM IST