गोरखपुर पुलिस को “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2020 में थाना गगहा पर पंजीकृत गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में माननीय न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए कठोर दंड सुनाया है। पढिए पूरी खबर

दो अभियुक्तों को 5-5 साल की सजा
गोरखपुर: जनपद गोरखपुर पुलिस को “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण सफलता हाथ लगी है। वर्ष 2020 में थाना गगहा पर पंजीकृत गैर इरादतन हत्या के प्रयास के मामले में माननीय न्यायालय ने दो अभियुक्तों को दोषी करार देते हुए कठोर दंड सुनाया है। न्यायालय के इस फैसले से न सिर्फ पीड़ित पक्ष को न्याय मिला है, बल्कि अपराधियों के हौसले पस्त करने का भी मजबूत संदेश गया है।
क्या है पूरी खबर?
मिली जानकारी के अनुसार, थाना गगहा जनपद गोरखपुर में मु0अ0सं0 634/2020 धारा 308, 323, 34 भादवि के अंतर्गत दर्ज मामले में अभियुक्त विशाल और आकाश पुत्रगण रमेश उर्फ झिनक, निवासी रकहर थाना गगहा, को दोषी पाया गया। माननीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ADJ-1) गोरखपुर ने दोनों अभियुक्तों को 05-05 वर्ष के सश्रम कारावास तथा प्रत्येक पर ₹20,500 का अर्थदंड भी लगाया है।
न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित
यह सफलता पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश द्वारा चलाए जा रहे “ऑपरेशन कनविक्शन” अभियान के क्रम में मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जनपद गोरखपुर के निर्देशन में थाने के पैरोकार तथा मॉनिटरिंग सेल द्वारा की गई प्रभावी और सतत पैरवी का ही परिणाम है कि लगभग छह वर्ष पुराने इस मामले में न्यायालय से दोषसिद्धि सुनिश्चित हो सकी।
सशक्त पैरवी कर दोषियों को सजा
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य लंबित मामलों में सशक्त पैरवी कर दोषियों को सजा दिलाना है, ताकि समाज में कानून के प्रति विश्वास मजबूत हो और अपराधियों में भय बना रहे। इस प्रकरण में साक्ष्यों का सुदृढ़ प्रस्तुतीकरण, गवाहों की समयबद्ध पेशी और केस की नियमित मॉनिटरिंग ने अहम भूमिका निभाई।
कानून व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि
उक्त अभियोग में अभियोजन पक्ष की ओर से ADGC सौरभ श्रीवास्तव तथा ADGC रविन्द्र यादव का योगदान सराहनीय रहा। उनकी प्रभावी दलीलों और कानूनी दक्षता के चलते न्यायालय अभियुक्तों को दोषी ठहराने में सक्षम हुआ।
गोरखपुर पुलिस ने इस निर्णय को कानून व्यवस्था की दिशा में एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि भविष्य में भी गंभीर अपराधों में शामिल दोषियों को सजा दिलाने के लिए इसी तरह सख्त और प्रभावी कार्रवाई जारी रहेगी। यह फैसला समाज के लिए स्पष्ट संदेश है कि अपराध कितना भी पुराना क्यों न हो, कानून के शिकंजे से कोई बच नहीं।