मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ग्राम सभा सतुआभार में जनहित, समाजहित, ग्रामहित और राष्ट्रहित की भावना को आत्मसात करते हुए एक अनुकरणीय सामाजिक आयोजन संपन्न हुआ। कड़ाके की ठंड के बीच ग्राम समाज के वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंदों को कंबल वितरित पढिए पूरी खबर

सतुआभार में जनसेवा की मिसाल
गोरखपुर: मकर संक्रांति के पावन पर्व पर ग्राम सभा सतुआभार में जनहित, समाजहित, ग्रामहित और राष्ट्रहित की भावना को आत्मसात करते हुए एक अनुकरणीय सामाजिक आयोजन संपन्न हुआ। कड़ाके की ठंड के बीच ग्राम समाज के वरिष्ठ नागरिकों, वृद्ध महिलाओं, दिव्यांगजनों एवं जरूरतमंदों को कंबल वितरित कर न केवल राहत पहुंचाई गई, बल्कि उन्हें सम्मानित कर मानवीय संवेदना का सशक्त संदेश भी दिया गया। कंबल पाकर बुजुर्गों के चेहरों पर उभरी संतोष भरी मुस्कान इस आयोजन की सार्थकता को स्वयं बयां कर रही थी। यह कार्यक्रम केवल वस्तु वितरण तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में सेवा, संस्कार और परंपरा के निर्वहन का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।
क्या है पूरी खबर?
आयोजन का प्रमुख उद्देश्य उन बुजुर्गों के प्रति कृतज्ञता प्रकट करना था, जिनके योगदान से समाज और गांव की नींव मजबूत हुई। इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए बड़े-बुजुर्गों के पदचिन्हों पर चलने का प्रेरणादायी कार्य उनके पौत्र एवं शिक्षक गदाधर दुबे (द्विवेदी) द्वारा किया गया, जिसकी ग्रामवासियों ने एक स्वर में सराहना की। कार्यक्रम के दौरान ग्राम सभा के प्रथम सरपंच स्वर्गीय पं. रामदुलारे घर दुबे, स्वर्गीय जनार्दन चौबे (मामा), स्वर्गीय सहायक अध्यापक रामउजागिर धर दुबे सहित अन्य दिवंगत विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। ग्राम, समाज और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान को स्मरण करते हुए ग्रामीणों ने उन्हें नमन किया।
संस्कारों की सही दिशा प्रदान
इस पुनीत सामाजिक पहल में श्रीमती मुराती देवी एवं श्रीमती मीरा देवी का विशेष योगदान रहा, जबकि कार्यक्रम के सफल आयोजन में समस्त द्विवेदी परिवार का सहयोग सराहनीय रहा। ग्रामीणों का कहना था कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी सौहार्द, सम्मान और मानवीय मूल्यों को और मजबूत करते हैं। कार्यक्रम के निवेदक गदाधर द्विवेदी, सहायक अध्यापक ने कहा कि मकर संक्रांति जैसे पर्व दान, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश देते हैं। बुजुर्गों का सम्मान कर हम न केवल अपनी सांस्कृतिक विरासत को जीवित रखते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ी को भी संस्कारों की सही दिशा प्रदान करते हैं।
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ख़जनी क्षेत्र ग्राम सभा सतुआभार विहारी बुजुर्ग जिला गोरखपुर में आयोजित यह कार्यक्रम समाज के लिए एक प्रेरक उदाहरण बनकर सामने आया है, जो यह सिद्ध करता है कि सच्चा विकास तभी संभव है जब समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति तक संवेदना और सहयोग पहुंचे।
उक्त अवसर पर आचार्य घनश्याम मिश्र, हरिराम दुबे, घनश्याम शुक्ल, दीप नारायण दुबे ओमप्रकाश दुबे, अश्वनी दुबे ‘गुड्डू’, रणजीत पासवान (उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक मैनेजर), अर्जुन धर दुबे, अंशुमाली धर दुबे (भक्ति), इन्द्रशेन दुबे, राजू दुबे, गिरजाशंकर दुबे, करुणानिधि, रामनिधि, नमन दुबे, दिव्यांग शैलेन्द्र दुबे सहित सैकड़ों ग्रामीणों की गरिमामयी उपस्थिति रही।