Gorakhpur: नौ साल बाद मिला न्याय, गैर इरादतन हत्या में आठ दोषी करार, कोर्ट ने सुनाई ये सजा

गोरखपुर में करीब नौ साल पुराने एक मामले में अदालत का बड़ा फैसला सामने आया है। 2017 में हुई गैर इरादतन हत्या की घटना में दोषी पाए गए आठ आरोपियों को न्यायालय ने सजा सुनाई है।

Post Published By: Jay Chauhan
Updated : 1 September 2026, 5:13 AM IST

Gorakhpur: 2017 में कैंपियरगंज थाना क्षेत्र में हुए गैर इरादतन हत्या के मामले में अदालत ने आठ आरोपियों को दोषी करार देते हुए प्रत्येक को 10 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने सभी दोषियों पर 10,500-10,500 रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। करीब नौ वर्ष पुराने मामले में आए इस फैसले को पुलिस की प्रभावी पैरवी और मॉनिटरिंग सेल की लगातार निगरानी की बड़ी सफलता माना जा रहा है।

मामला कैंपियरगंज थाने में दर्ज मुकदमा संख्या 365/2017 से जुड़ा है। पुलिस के मुताबिक, इस मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 147, 148, 323, 325, 504, 506 और 304 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस की ओर से न्यायालय में अभियोजन पक्ष को मजबूत करने के लिए लगातार प्रभावी पैरवी की गई।

आठ दोषियों को मिली ये सजा

सुनवाई के दौरान प्रस्तुत साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर ADJ/ESJ एक्ट जनपद गोरखपुर की अदालत ने आठों अभियुक्तों को अपराध का दोषी पाया। अदालत ने लोरिक साहनी, जयहिन्द, प्रकाश साहनी, गनेश, शम्भू साहनी, श्रीचन्द साहनी, सुर्दशन साहनी और गौरव साहनी को 10-10 वर्ष के सश्रम कारावास और 10,500-10,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।

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पुलिस के अनुसार, सभी दोषी गेरूई बुजुर्ग, थाना कैंपियरगंज, जनपद गोरखपुर के निवासी हैं। मामले में फैसला आने के बाद पुलिस ने बताया कि गंभीर अपराधों में दोषियों को सजा दिलाने के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन कनविक्शन’ अभियान के तहत अभियोजन की पैरवी और केस की मॉनिटरिंग लगातार की गई

पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में थाने के पैरोकार और मॉनिटरिंग सेल ने मामले की सुनवाई के दौरान आवश्यक कार्रवाई और पैरवी को प्रभावी बनाए रखा। अभियोजन पक्ष की ओर से एसपीपी धीरेंद्र जायसवाल और एसपीपी सतीश चंद यादव ने भी मामले में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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आगे भी जारी रहेगी प्रक्रिया

पुलिस का कहना है कि गंभीर अपराधों के मामलों में प्रभावी पैरवी कर दोषियों को न्यायालय से सजा दिलाने की प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी। पुराने मामलों की लगातार मॉनिटरिंग कर अभियोजन पक्ष को मजबूत किया जा रहा है, ताकि अपराधियों को उनके किए की कानूनी सजा मिल सके।

Location :  Gorakhpur

Published :  1 September 2026, 4:00 AM IST