Gorakhpur News: शादी का झांसा, 8 साल का रिश्ता और फिर अचानक इनकार… एसएसपी ऑफिस पहुंचा दर्दनाक मामला

गोरखपुर के उरुवा थाना क्षेत्र में एक दलित युवती ने शादी का झांसा देकर आठ वर्षों तक शारीरिक शोषण, धोखाधड़ी और बाद में विवाह से इनकार करने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने एसएसपी से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है। मामले में जातिसूचक गालियों, मारपीट और धमकी के आरोप भी शामिल हैं, जिसके बाद पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 30 May 2026, 8:49 PM IST

Gorakhpur: गोरखपुर से सामने आया यह मामला एक बार फिर रिश्तों की आड़ में हुए कथित अपराधों की गंभीरता को उजागर करता है। उरुवा थाना क्षेत्र की एक दलित युवती ने शादी का झांसा देकर आठ वर्षों तक शारीरिक शोषण करने, फिर अचानक विवाह से मुकर जाने और विरोध करने पर मारपीट व जातिसूचक शब्दों के इस्तेमाल का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता ने न्याय न मिलने पर सीधे एसएसपी कार्यालय का रुख किया, जिसके बाद पूरा मामला पुलिस प्रशासन तक पहुंच गया और जांच के आदेश जारी कर दिए गए।

मामला कैसे शुरू हुआ

पीड़िता के अनुसार करीब आठ वर्ष पहले उसकी मुलाकात उरुवा क्षेत्र के रहने वाले सूरज कुमार जायसवाल से हुई थी। शुरुआती बातचीत धीरे-धीरे नजदीकियों में बदल गई और आरोपी ने उसे प्रेमजाल में फंसा लिया। युवती का आरोप है कि आरोपी ने शादी का वादा कर लगातार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए और उसे भरोसा दिलाता रहा कि वह जल्द ही उससे विवाह करेगा।

लगातार टलती रही शादी की बात

पीड़िता का कहना है कि जब भी उसने शादी के लिए दबाव बनाया, आरोपी हर बार कोई न कोई बहाना बनाकर बात टाल देता था। कई बार भरोसा बनाए रखने के लिए उसे लिखित आश्वासन भी दिया गया। युवती ने बताया कि कचहरी में नोटरी के माध्यम से यह लिखित वादा किया गया कि आरोपी उसी से शादी करेगा, जिससे उसका भरोसा और मजबूत हो गया।

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विरोध करने पर मारपीट और धमकी का आरोप

युवती के अनुसार जब उसने आरोपी से इस बारे में जवाब मांगा तो उसने साफ तौर पर शादी से इनकार कर दिया। इसके बाद जब वह आरोपी के घर पहुंची, तो वहां स्थिति और बिगड़ गई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी के परिजनों ने उसके साथ मारपीट की, जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी भी दी।

थाने में नहीं हुई सुनवाई का आरोप

पीड़िता ने बताया कि घटना के बाद वह उरुवा पुलिस थाना पहुंची और शिकायत दर्ज कराने की कोशिश की, लेकिन वहां उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसी वजह से उसे मजबूरी में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के पास जाना पड़ा।

SSP कार्यालय में पहुंची पीड़िता

थाने से निराश होकर पीड़िता सीधे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय, गोरखपुर पहुंची और पूरी घटना की लिखित शिकायत दी। उसने आरोप लगाया कि वर्षों तक उसके साथ धोखा हुआ और अब उसे न्याय के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है।

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पुलिस की कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी गोरखपुर ने तत्काल संबंधित क्षेत्राधिकारी से रिपोर्ट तलब की और उरुवा थानाध्यक्ष को निर्देश दिया कि पीड़िता की तहरीर पर सुसंगत धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। साथ ही मामले में SC-ST Act के तहत भी कार्रवाई के आदेश दिए गए।

SSP का सख्त रुख

एसएसपी ने स्पष्ट किया है कि महिला उत्पीड़न और अनुसूचित जाति से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने पीड़िता को सुरक्षा और न्याय दिलाने का आश्वासन भी दिया है। पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि जांच निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।

Location :  Gorakhpur

Published :  30 May 2026, 8:49 PM IST