गोरखपुर जनपद की खजनी तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब कई अहम विभागों के अधिकारी बिना सूचना के अनुपस्थित पाए गए। आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए आयोजित इस कार्यक्रम में लापरवाही पर एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा ने सख्त रुख अपनाते हुए अनुपस्थित अधिकारियों को तत्काल अनुपस्थित घोषित कर कार्रवाई के निर्देश दिए।

सम्पूर्ण समाधान दिवस
Gorakhpur: शनिवार को गोरखपुर जनपद की खजनी तहसील परिसर में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम शासन की प्राथमिकताओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य आम जनता की समस्याओं का मौके पर ही निस्तारण करना है। कार्यक्रम की अध्यक्षता एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा ने की। समाधान दिवस की शुरुआत सामान्य रही, लेकिन जैसे-जैसे फरियादियों की शिकायतें सामने आने लगीं, कई विभागों के जिम्मेदार अधिकारियों की अनुपस्थिति उजागर हुई। इससे न सिर्फ फरियादियों को परेशानी हुई, बल्कि प्रशासनिक अनुशासन पर भी सवाल खड़े हो गए।
अधिकारियों की गैरहाजिरी को गंभीरता से लेते हुए एडीएम प्रशासन सहदेव मिश्रा ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि सम्पूर्ण समाधान दिवस शासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। एडीएम ने कहा कि दूर-दराज से आए फरियादी उम्मीद लेकर आते हैं, ऐसे में जिम्मेदार अधिकारियों का गायब रहना निंदनीय है। उन्होंने अनुपस्थित अधिकारियों की सूची तलब करते हुए उन्हें तत्काल अनुपस्थित घोषित कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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एसीडीएम राजेश प्रताप सिंह ने भी अधिकारियों की गैर-जिम्मेदाराना कार्यशैली पर कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि समाधान दिवस कोई औपचारिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता को न्याय दिलाने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जिन विभागों के अधिकारी अनुपस्थित पाए गए हैं, उनके विरुद्ध उच्चाधिकारियों को रिपोर्ट भेजी जाएगी। भविष्य में यदि इस प्रकार की लापरवाही दोहराई गई, तो और भी कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान राजस्व, विकास, शिक्षा, बिजली, आवास और पेंशन से जुड़ी कई शिकायतें सामने आईं। कार्यक्रम में एसडीएम खजनी राजेश प्रताप सिंह, तहसीलदार ध्रुवेश सिंह, खंड विकास अधिकारी रमेश शुक्ल, खंड शिक्षाधिकारी सावन दुबे सहित अन्य उपस्थित अधिकारियों ने फरियादियों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। कई मामलों में मौके पर ही निस्तारण के निर्देश दिए गए, जबकि शेष प्रकरणों को समयबद्ध तरीके से निपटाने के आदेश जारी किए गए।
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प्रशासन की इस सख्ती का असर साफ नजर आया। एक ओर जहां जनता में यह भरोसा मजबूत हुआ कि उनकी समस्याओं को गंभीरता से लिया जा रहा है, वहीं लापरवाह अधिकारियों के लिए यह स्पष्ट संदेश भी गया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस को अब हल्के में लेना भारी पड़ सकता है। खजनी तहसील में हुई यह कार्रवाई आने वाले दिनों में प्रशासनिक अनुशासन को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।