गोरखपुर के खजनी क्षेत्र में एक पान विक्रेता की गुमटी पांच साल में छह बार चोरी का शिकार हुई। हर बार ताला तोड़कर नकदी और सामान ले जाया गया। कई बार शिकायत के बावजूद ठोस कार्रवाई न होने से पीड़ित ने इस बार रिपोर्ट तक नहीं दी।

शत्रुघ्न मणि पांडेय
Gorakhpur: गोरखपुर जनपद के खजनी थाना क्षेत्र के सतुआभार चौराहे पर एक गरीब पान विक्रेता की गुमटी पांच वर्षों में छह बार चोरों का निशाना बन चुकी है। हर बार गुमटी टूटी, सामान चोरी हुआ और परिवार की रोजी-रोटी पर संकट गहराता गया।
डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, सोमवार की रात को हुए चोरी के ताजा घटना के बाद पीड़ित व्यापारी ने थाने में छठवीं बार चोरी की सूचना तक नहीं दी, क्योंकि उसे अब कार्रवाई की उम्मीद नहीं रही।
दरअसल, यह मामला खजनी थाना क्षेत्र हल्का नंबर-2 के सतुआभार चौराहे का है। यहां नैपुरा निवासी शत्रुघ्न मणि पांडेय पुत्र रामअचल पांडेय ने करीब पांच वर्ष पहले एक छोटी गुमटी में “बाबा पान भंडार” नाम से दुकान शुरू की थी। इसी छोटी सी दुकान से उनके परिवार का खर्च चलता है। गुमटी में पान, मसाला, टॉफी, बिस्किट, कुरकुरे और सिगरेट आदि रखे जाते हैं।
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पीड़ित के अनुसार, पांच वर्षों में पहले पांच बार चोर गुमटी का ताला तोड़कर नकदी और सामान उठा ले गए। तीन बार उन्होंने 112 नंबर पर सूचना दी और पुलिस को तहरीर भी सौंपी। इसके बाद भी दो बार चोरी हुई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। हर बार नुकसान झेलकर उन्होंने किसी तरह फिर से सामान उधार या आंशिक पूंजी से भरकर दुकान शुरू की।
सोमवार की रात में छठवीं बार फिर गुमटी तोड़ी गई। इस बार शत्रुघ्न मणि पांडेय ने थाने में तहरीर तक नहीं दी। उनका कहना है, “अब शिकायत करके क्या होगा? पहले भी कुछ नहीं हुआ। जितनी पूंजी बचती है, उससे फिर सामान डाल देता हूं, ताकि किसी तरह घर चल सके।”
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घटना के बाद व्यापारी की आंखों में आंसू छलक पड़े। उन्होंने बताया कि बार-बार की चोरी से आर्थिक स्थिति कमजोर हो चुकी है। परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी इसी दुकान पर है, लेकिन सुरक्षा के अभाव में हर कुछ महीने पर नुकसान उठाना पड़ता है। स्थानीय व्यापारियों में भी इस घटना को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि यदि सतुआभार चौराहे पर नियमित गश्त और निगरानी की व्यवस्था होती, तो ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सकता था। लगातार हो रही चोरियों से छोटे दुकानदारों में भय और असुरक्षा का माहौल है।