गोरखपुर: पति की मौत के बाद हुआ ये बड़ा खेल, मामला जान पकड़ लेंगे माथा

हजनवा तहसील क्षेत्र में जमीन हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक विधवा महिला के पति की मौत के बाद गांव के ही एक शख्स ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को मृतक का पढिए पूरी खबर

Updated : 8 May 2026, 6:29 PM IST

Gorakhpur: सहजनवा तहसील क्षेत्र में जमीन हड़पने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक महिला के पति की मौत के बाद गांव के ही एक शख्स ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर खुद को मृतक का आश्रित दिखाते हुए सरकारी अभिलेखों में अपना नाम दर्ज करा लिया। इतना ही नहीं, आरोपी ने विवादित भूमि को दूसरे व्यक्ति के हाथों बेच भी दिया। पीड़िता अब न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है और मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है।

क्या है पूरा मामला?

मामला सहजनवा तहसील के भीटी रावत टोला भरपुरवा गांव का है। गांव निवासी शांति देवी के पति राम सहाय की मृत्यु के बाद नियमानुसार 14 जुलाई 2025 को भूमि के अभिलेखों में आश्रित के रूप में पत्नी शांति देवी का नाम दर्ज कर दिया गया था। परिवार को लगा कि अब जमीन सुरक्षित है, लेकिन इसी बीच गांव के ही एक कथित जालसाज ने कूटरचित दस्तावेज तैयार कर राजस्व विभाग में धारा 34 के तहत अपना नाम दर्ज करा लिया।

पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश

आरोप है कि फर्जी तरीके से नाम दर्ज कराने के बाद आरोपी ने बिना किसी वैधानिक अधिकार के जमीन को एक अन्य व्यक्ति के हाथों बेच दिया। अब भूमि खरीदने वाला व्यक्ति जमीन पर कब्जा करने का प्रयास कर रहा है, जिससे पीड़िता और उसका परिवार दहशत में है। ग्रामीणों में भी इस पूरे मामले को लेकर भारी आक्रोश व्याप्त है।

पीड़िता शांति देवी का कहना है कि पति की मौत के बाद पहले ही परिवार आर्थिक और मानसिक संकट से गुजर रहा था, ऊपर से अब जमीन हड़पने की साजिश ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो दबंग जबरन कब्जा कर सकते हैं।

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मामला न्यायालय में विचाराधीन बताया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद जमीन पर कब्जे की कोशिशें जारी हैं। पीड़िता ने मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई तथा जमीन की सुरक्षा की मांग की है।

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इस संबंध में तहसीलदार राकेश कन्नौजिया ने कहा कि मामले की पत्रावली देखने के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा। हालांकि सवाल यह उठ रहा है कि आखिर सरकारी अभिलेखों में फर्जी तरीके से नाम दर्ज कैसे हो गया और जिम्मेदारों ने समय रहते इसकी जांच क्यों नहीं की?

Location :  गोरखपुर

Published :  8 May 2026, 5:45 PM IST