पहले पति को मारा और फिर जमीन पर कब्जा करने का प्रयास, इंसाफ के लिए महिला काट रही अधिकारियों के चक्कर

गोरखपुर के रामगढ़ताल क्षेत्र में मारपीट के बाद इलाज के दौरान हुई अनिल निषाद की मौत के मामले में उनकी पत्नी शारदा देवी ने आरोपियों पर कार्रवाई न होने और जमीन-मकान पर कब्जे की कोशिश का आरोप लगाया है। उन्होंने प्रेसवार्ता कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की...

Gorakhpur: रामगढ़ताल इलाके में एक व्यक्ति की मारपीट के बाद इलाज के दौरान हुई मौत का मामला अब जमीन-मकान पर कथित कब्जे के आरोपों तक पहुंच गया है। मेहया नई कालोनी की रहने वाली शारदा देवी का आरोप है कि उनके पति अनिल निषाद के साथ पहले मारपीट की गई, गंभीर चोटों के बाद उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन जिंदगी की जंग हार गए। अब शारदा देवी का कहना है कि पति की मौत के बाद आरोपियों की नजर उनकी जमीन और मकान पर है। बुधवार को उन्होंने गोरखपुर जर्नलिस्ट्स प्रेस क्लब में प्रेसवार्ता कर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग उठाई।

8 दिसंबर 2025 को हुई थी मारपीट

शारदा देवी, पत्नी स्वर्गीय अनिल निषाद, के मुताबिक 8 दिसंबर 2025 को अमित और धर्मेंद्र पुत्र बाबूलाल, अनिल पुत्र धर्मेंद्र, रविशंकर पुत्र बाबूलाल, अचिल पुत्र धर्मेंद्र और मिट्टू यादव ने उनके पति के साथ मारपीट की थी। मामले में रामगढ़ताल थाने में मुकदमा अपराध संख्या 816/2025 दर्ज कराया गया था। शारदा देवी के अनुसार मुकदमा भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत दर्ज हुआ था।

सुलह का दबाव बनाने का लगाया आरोप

शारदा देवी का आरोप है कि मुकदमा दर्ज होने के बाद उनके पति पर समझौता करने का दबाव बनाया जाने लगा। उन्होंने बताया कि अनिल निषाद ने सुलह से इनकार किया तो विवाद और बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद उनकी जमीन और मकान पर कब्जा करने की कोशिश की गई। विरोध करने पर दोबारा मारपीट की गई, जिसमें अनिल निषाद को गंभीर चोटें आईं।

लखनऊ में इलाज के दौरान तोड़ा दम

गंभीर रूप से घायल अनिल निषाद का इलाज कराया गया। हालत बिगड़ने पर उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल, लखनऊ में भर्ती कराया गया। शारदा देवी के मुताबिक 29 जनवरी 2026 को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। अगले दिन 30 जनवरी को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। शारदा देवी का दावा है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृत्यु का कारण एंटीमार्टम इंजरी, हेड इंजरी और कोमा बताया गया है।

थाने से तहसील तक चक्कर लगाने का दावा

पति की मौत के बाद शारदा देवी ने रामगढ़ताल थाने के अलावा वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक को भी प्रार्थना पत्र देकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी की मांग की। उनका आरोप है कि शिकायतों के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। उन्होंने कहा कि जब वह जमीन से जुड़े विवाद को लेकर थाने पहुंचती हैं तो उन्हें तहसील जाने की बात कह दी जाती है। इसी दौरान विपक्षी पक्ष कथित तौर पर जमीन पर दीवार आदि का निर्माण शुरू कर देता है।

‘पति को खोने के बाद अब प्रशासन से उम्मीद’

शारदा देवी का कहना है कि पति की मौत के बाद वह अकेली पड़ गई हैं और अब अपनी जमीन-मकान को बचाने के लिए लगातार अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से मांग की है कि अनिल निषाद की मौत से जुड़े पूरे मामले की निष्पक्ष विवेचना कराई जाए, आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए और जमीन-मकान पर कथित कब्जे के प्रयास को रोका जाए। उनका कहना है कि पति को खोने के बाद अब उन्हें प्रशासन से ही न्याय की उम्मीद है।

Location :  Gorakhpur

Published :  7 October 2026, 8:39 PM IST

Related News

Advertisement