लड्डू बांटने के एक घंटे बाद आया ‘सावधान’ का मैसेज, फतेहपुर में स्कूल प्रबंधन की बड़ी लापरवाही बेनकाब

फतेहपुर के सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में स्वतंत्रता दिवस पर बांटे गए लड्डुओं में फंगस मिलने से हड़कंप मच गया। करीब दो हजार बच्चों को लड्डू बांटने के एक घंटे बाद प्रबंधन ने मैसेज भेजकर न खिलाने की अपील की। इस लापरवाही से अभिभावकों में भारी आक्रोश है।

Post Published By: Priyam Kashyap
Updated : 15 August 2026, 7:20 PM IST
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Fatehpur: फतेहपुर से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जहां सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान बच्चों को बांटे गए लड्डुओं को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। आरोप है कि बांटे गए लड्डू फफूंदी लगे हुए थे। इस घटना से अभिभावकों में गुस्सा और चिंता है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, स्कूल की फतेहपुर और मलवां शाखाओं में छात्रों के बीच लगभग 2,000 लड्डू बांटे गए थे। पता चला है कि ये लड्डू मलवां के 'गणेश पेड़ा' से मंगवाए गए थे।

बांटने के एक घंटे बाद भेजा गया मैसेज

सेठ एमआर जयपुरिया स्कूल में स्वतंत्रता दिवस मनाने के लिए एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था, जिसमें बच्चों को ट्रीट के तौर पर लड्डू दिए गए। आरोप है कि कुछ लड्डुओं पर फफूंदी दिखने के बाद, स्कूल प्रबंधन ने अभिभावकों को मैसेज भेजकर कहा कि वे अपने बच्चों को ये लड्डू न खाने दें।

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सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर लड्डुओं की क्वालिटी को लेकर शक था, तो बांटने से पहले उनकी जांच क्यों नहीं की गई? आखिर ये खराब लड्डू बच्चों तक कैसे पहुंचे?

अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन पर उठाए सवाल

इस घटना के बाद, अभिभावकों ने स्कूल प्रबंधन के कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि बच्चों की सेहत को लेकर ऐसी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एक अभिभावक ने कहा, "हमें लड्डू न खिलाने का मैसेज तब मिला जब वे पहले ही बांटे जा चुके थे। अगर लड्डू खराब थे, तो पहले उनकी जांच क्यों नहीं की गई? बच्चों की सुरक्षा सबसे अहम है।"

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यह साफ नहीं है कि कितने बच्चों ने लड्डू खाए या उनकी सेहत कैसी है। अभी यह साफ नहीं है कि कितने बच्चों ने लड्डू खाए या उनमें से कोई बीमार पड़ा है या नहीं। अभिभावक इस मामले में स्कूल प्रबंधन से साफ जवाब मांग रहे हैं।अब सबकी नजरें स्कूल प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग पर हैं कि वे बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।

फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की जांच पर फोकस

इस मामले में फूड सेफ्टी डिपार्टमेंट की भूमिका भी अहम है। अगर लड्डुओं में फंगस होने की पुष्टि होती है, तो मिठाइयों के सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे जा सकते हैं। जांच में यह भी देखा जाएगा कि मिठाइयां कब बनी थीं, उन्हें कैसे रखा गया था, और स्कूल पहुंचने के बाद उन्हें किन हालात में रखा गया था।

स्कूल मैनेजमेंट और मिठाई बेचने वाले के जवाब का इंतजार

फिलहाल, बच्चों को बांटे गए लड्डुओं को लेकर स्कूल मैनेजमेंट और मिठाई बेचने वाले पर सवाल उठ रहे हैं। इस मामले में आधिकारिक बयान आने के बाद ही पूरी बात साफ हो पाएगी। सबसे अहम सवाल यह है कि अगर लड्डू खाने लायक नहीं थे, तो बांटने से पहले उनकी क्वालिटी की जांच क्यों नहीं की गई? अब अभिभावक इस मामले में जांच और उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

Location :  Fatehpur

Published :  15 August 2026, 7:20 PM IST

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