मनरेगा में बड़ा खेल? 82 लाख की कथित धांधली पर प्रशासन सख्त, अपर आयुक्त ने गांव जाकर परखी जमीनी सच्चाई

फतेहपुर के बहुआ ब्लॉक के चक इटौली गांव में मनरेगा कार्यों में 82 लाख रुपये की कथित धांधली की जांच शुरू हो गई है। अपर आयुक्त मनरेगा ने गांव पहुंचकर निरीक्षण किया। दोषियों पर कार्रवाई की तैयारी है।

Post Published By: Tanya Chand
Updated : 4 February 2026, 7:46 PM IST

Fatehpur: उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में मनरेगा योजना के तहत हुए कथित भ्रष्टाचार को लेकर प्रशासनिक हलचल तेज हो गई है। बहुआ विकासखंड के चक इटौली गांव में मनरेगा कार्यों में भारी गड़बड़ी के आरोप सामने आने के बाद स्वयं अपर आयुक्त मनरेगा अमनदीप डुली मौके पर पहुंचे और जमीनी स्तर पर जांच शुरू की।

बीजेपी नेता की शिकायत से खुला मामला

इस पूरे प्रकरण की शुरुआत बीजेपी नगर मंत्री त्रितोश गुप्ता की शिकायत से हुई। उन्होंने ग्राम प्रधान पर करीब 82 लाख रुपये के फर्जी भुगतान कराने और कागजों में ऐसे कार्य दिखाने का आरोप लगाया, जो धरातल पर मौजूद ही नहीं हैं। शिकायत में मनरेगा के तहत मजदूरी, सामग्री खरीद और निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताओं का जिक्र किया गया था।

गांव पहुंचकर परखी जमीनी हकीकत

शिकायत को गंभीरता से लेते हुए अपर आयुक्त मनरेगा अमनदीप डुली जांच टीम के साथ चक इटौली गांव पहुंचे। उन्होंने मौके पर जाकर मनरेगा से जुड़े विभिन्न कार्यों का निरीक्षण किया और दस्तावेजों में दर्ज कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया। जांच के दौरान कई कार्य अधूरे या संदिग्ध पाए जाने की चर्चा है।

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प्रधान और शिकायतकर्ता से अलग-अलग बातचीत

अपर आयुक्त ने जांच के दौरान ग्राम प्रधान और शिकायतकर्ता, दोनों के बयान अलग-अलग दर्ज किए। ग्राम प्रधान ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए खुद को निर्दोष बताया, जबकि शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत पर कायम रहते हुए कई तथ्यों और दस्तावेजों का हवाला दिया। अधिकारियों ने दोनों पक्षों की बातों को रिकॉर्ड कर लिया है।

दस्तावेजों की गहन जांच शुरू

मौके की जांच के साथ-साथ मनरेगा के भुगतान रजिस्टर, जॉब कार्ड, मस्टर रोल और कार्य स्वीकृति से जुड़े दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि कागजों और जमीनी सच्चाई में यदि अंतर पाया गया, तो इसे गंभीर वित्तीय अनियमितता माना जाएगा।

रिपोर्ट ग्राम्य विकास आयुक्त को सौंपी जाएगी

अपर आयुक्त मनरेगा की टीम अपनी विस्तृत जांच रिपोर्ट तैयार कर ग्राम्य विकास आयुक्त को सौंपेगी। रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ रिकवरी, एफआईआर और विभागीय कार्रवाई तक की संभावना जताई जा रही है। प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक इस मामले में सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।

जिले के अन्य ब्लॉकों में भी मचा हड़कंप

चक इटौली गांव में चल रही इस जांच के बाद फतेहपुर जिले के अन्य विकासखंडों में भी हड़कंप मच गया है। कई ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव अपने रिकॉर्ड दुरुस्त करने में जुट गए हैं। प्रशासन की इस सक्रियता को मनरेगा में पारदर्शिता की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।

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ग्रामीणों में जगी न्याय की उम्मीद

गांव के ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं और दोषियों पर कार्रवाई होती है, तो इससे सरकारी योजनाओं पर भरोसा मजबूत होगा। लोगों को उम्मीद है कि जांच निष्पक्ष होगी और मनरेगा जैसी महत्वपूर्ण योजना में भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी।

Location : 
  • Fatehpur

Published : 
  • 4 February 2026, 7:46 PM IST