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अयाना थाना क्षेत्र के बड़ी गूंज गांव में सरसों समेत अन्य फसलों के नुकसान से आक्रोशित किसानों द्वारा छुट्टा गोवंशों को यमुना किनारे बंदी बनाए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गोवंशों को संरक्षित करने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से बुधवार को दूसरे दिन भी अभियान चलाया गया, लेकिन पूरे दिन की मशक्कत के बाद कर्मचारी महज पांच गोवंश ही पकड़ सके।
औरैया में किसानों में नाराजगी
Auraiya: अयाना थाना क्षेत्र के बड़ी गूंज गांव में सरसों समेत अन्य फसलों के नुकसान से आक्रोशित किसानों द्वारा छुट्टा गोवंशों को यमुना किनारे बंदी बनाए जाने का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। गोवंशों को संरक्षित करने के लिए पंचायती राज विभाग की ओर से बुधवार को दूसरे दिन भी अभियान चलाया गया, लेकिन पूरे दिन की मशक्कत के बाद कर्मचारी महज पांच गोवंश ही पकड़ सके।
ग्रामीणों के अनुसार अन्ना मवेशियों ने खेतों में खड़ी सरसों व अन्य फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। इससे किसानों के सामने परिवार चलाने का संकट खड़ा हो गया। नाराज किसानों ने यमुना किनारे बालू वाले क्षेत्र में करंट वाले तारों की घेराबंदी कर छुट्टा गोवंशों को एकत्र कर बाड़े में कैद कर दिया। बताया गया कि चार दिनों तक कई गोवंश बिना चारे के वहीं बंद रहे और केवल नदी का पानी पीकर प्यास बुझाते रहे।
मामला बढ़ने पर मंगलवार को प्रशासन हरकत में आया और अभियान चलाकर सात गोवंशों को पकड़ा गया। शेष गोवंशों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने के लिए बुधवार को भी पंचायत सचिव की देखरेख में अभियान जारी रहा। कर्मचारी पूरे दिन यमुना की बालू पर गोवंशों के पीछे दौड़ते रहे, लेकिन शाम तक केवल पांच गोवंश ही पकड़ पाए।
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प्रशासनिक अधिकारियों के मुताबिक किसानों ने करीब 49 गोवंशों को बंधक बनाया था। मंगलवार और बुधवार की कार्रवाई के बावजूद अभी भी कई गोवंश बाड़बंदी के भीतर मौजूद हैं। बालू का विस्तृत क्षेत्र और खुले वातावरण के कारण गोवंशों को पकड़ने में काफी दिक्कतें आ रही हैं।
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खंड विकास अधिकारी आदित्य तिवारी ने बताया कि सभी गोवंशों को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। जब तक उन्हें पूरी तरह संरक्षित नहीं कर लिया जाता, तब तक उनके लिए चारे की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है। उन्होंने किसानों से भी सहयोग की अपील की है, ताकि समस्या का स्थायी समाधान निकाला जा सके।