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उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनावों की तैयारियां तेज़ हो गई हैं। प्रशासनिक स्तर पर मतदाता सूची, आरक्षण और बूथ प्रबंधन की समीक्षा चल रही है। राज्य निर्वाचन आयोग जल्द कार्यक्रम घोषित कर सकता है, जिससे लंबे इंतजार के बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू होने की उम्मीद है। पढ़ें पूरी रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सियासी हलचल तेज
Lucknow: उत्तर प्रदेश में आगामी पंचायत चुनाव 2026 को लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल तेज़ हो गई है। भले ही पंचायत चुनावों की तारीखों का औपचारिक ऐलान अभी नहीं हुआ हो, लेकिन ज़मीनी स्तर पर चल रही तैयारियां साफ संकेत दे रही हैं कि चुनावी प्रक्रिया अब अंतिम चरण की ओर बढ़ रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की समीक्षा बैठक के बाद पंचायत चुनाव को लेकर चर्चाएं और तेज़ हो गई हैं।
पंचायती राज विभाग की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ग्रामीण इलाकों में विकास कार्यों को तय समय सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। बैठक में स्वच्छ भारत मिशन, डिजिटल लाइब्रेरी, पंचायत भवन, अंत्येष्टि स्थल और जल प्रबंधन से जुड़ी योजनाओं की समीक्षा की गई। हालांकि मुख्यमंत्री ने पंचायत चुनाव पर सीधे कोई बयान नहीं दिया, लेकिन विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देशों को पंचायत चुनाव 2026 की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
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सूत्रों के मुताबिक, प्रदेश के कई जिलों में पंचायत चुनाव की प्रशासनिक तैयारी शुरू हो चुकी है। करीब 230 ग्राम पंचायतों में मतदाता पुनरीक्षण का कार्य पूरा किया जा चुका है, जिसमें 7,52,257 मतदाताओं का सत्यापन हो चुका है।
अंतिम मतदाता सूची जारी होने से पहले नए वोटरों के नाम जोड़ने की प्रक्रिया चल रही है। जो युवा 1 जनवरी 2026 तक 18 वर्ष की आयु पूरी कर चुके हैं, वे फॉर्म-2 भरकर 30 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव में यह पहली बार होगा जब मतदाता किसी भी ग्राम पंचायत की वोटर लिस्ट ऑनलाइन देख सकेंगे। निर्वाचन आयोग द्वारा यह सुविधा पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से लागू की गई है। इस बार दावा-आपत्तियों की जांच BLO ऐप से नहीं, बल्कि वेंडर के माध्यम से की जाएगी। मतदाता प्रपत्र पहले ही छपकर तैयार हो चुके हैं।
पंचायत चुनाव से पहले प्रत्याशियों की जमानत राशि, चुनावी खर्च सीमा और अन्य नियमों की घोषणा भी कर दी गई है, जिससे चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाया जा सके।
पंचायत चुनाव से पहले प्रदेश सरकार ग्रामीण विकास को प्राथमिकता दे रही है। समीक्षा बैठक में डिजिटल लाइब्रेरी, स्वच्छ भारत मिशन, पंचायतों में अंत्येष्टि स्थल, उत्सव भवन, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट, आरजीएसए योजना और तालाबों की सफाई और संरक्षण इन योजनाओं पर विशेष जोर दिया गया।
प्रदेश की 11,452 ग्राम पंचायतों में डिजिटल लाइब्रेरी स्थापित की जा रही हैं। 75 जिलों में चिन्हित पंचायतों के लिए पुस्तकें और फर्नीचर खरीदने के टेंडर जारी हो चुके हैं।
डिजिटल लाइब्रेरी के ज़रिये ग्रामीण छात्र अब गांव में रहकर ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।
यूपी पंचायत चुनावों को लेकर तैयारियों की रफ्तार और प्रशासनिक गतिविधियां यह संकेत दे रही हैं कि उत्तर प्रदेश पंचायत चुनाव 2026 की तारीखों का ऐलान जल्द हो सकता है। अब सबकी निगाहें निर्वाचन आयोग पर टिकी हैं।