Deoria: देवरिया जेल में सचिव का औचक निरीक्षण, बंदियों के मामलों में त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश

राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने जिला कारागार का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में निरूद्ध बंदियों से मुलाकात कर उनके मामलों में त्वरित न्याय, निःशुल्क विधिक सहायता, जमानतदार सुविधा, दवा और महिला बंदियों के बच्चों के लिए दूध व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

Post Published By: Poonam Rajput
Updated : 17 January 2026, 8:05 PM IST
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Deoria: देवरिया के जिला कारागार में शनिवार को राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण लखनऊ के निर्देशानुसार सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार तिवारी ने औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य निरूद्ध कैदियों की रिहाई और उनके मामलों में त्वरित एवं न्यायसंगत कार्यवाही सुनिश्चित करना था। सचिव ने यू0टी0आर0सी0 कैंपेन 2026 के प्रथम चरण के तहत चिन्हित बंदियों और अन्य कैदियों के प्रकरणों पर व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और संबंधित अधिकारियों को विधिक प्रक्रिया के अनुसार कार्यवाही करने के निर्देश दिए।

सात वर्ष से अधिक के दंडाधीन बंदियों के मामले पर विचार

सचिव/अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने ऐसे विचाराधीन बंदियों जिनके विरुद्ध अधिकतम सात वर्ष के दंडादेश संबंधित आपराधिक विचारण लंबित हैं, उनके मामलों पर भी विस्तार से विचार किया। उन्होंने निरूद्ध बंदियों की समस्याओं को सुना और सुनिश्चित किया कि उनका निवारण समय पर किया जाए।

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निःशुल्क विधिक सहायता और अन्य सुविधाओं के निर्देश

निर्देशों में निरूद्ध बंदियों के लिए निःशुल्क अधिवक्ता उपलब्ध कराने, जमानतदार की सुविधा सुनिश्चित करने, नियमित रूप से दवाइयां उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। इसके साथ ही जेल में महिला बंदियों के साथ रह रहे छोटे बच्चों के लिए दूध की उचित व्यवस्था करने के निर्देश भी दिए गए। सचिव ने जेल अधिकारियों को स्पष्ट किया कि विधिक सहायता और विधिक साक्षरता सभी बंदियों तक पहुंचनी चाहिए, ताकि उनका अधिकार सुरक्षित रहे।

स्वच्छता और जेल व्यवस्थाओं पर भी दिया ध्यान

सचिव ने जेल की स्वच्छता और बंदियों की मूलभूत सुविधाओं पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सदैव तत्पर है कि सभी बंदियों को विधिक सहायता और न्याय के प्रति सजग किया जाए।

बैठक में मौजूद अधिकारी

इस अवसर पर जिला कारागार अधीक्षक प्रेम सागर शुक्ला, जेलर, डिप्टी जेलर और लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को बंदियों की समस्याओं के निवारण और विधिक सहायता के लिए निर्देशित किया गया।

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औचक निरीक्षण का उद्देश्य केवल बंदियों की समस्याओं का निवारण करना ही नहीं था, बल्कि उन्हें न्याय और विधिक सहायता तक समान पहुँच सुनिश्चित करना भी था। सचिव ने स्पष्ट किया कि निरूद्ध बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा प्राथमिकता है और कारागार में सभी आवश्यक व्यवस्थाओं को समय पर पूरा करना जिम्मेदारी है।

Location : 
  • Deoria

Published : 
  • 17 January 2026, 8:05 PM IST

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