देवरिया बस स्टेशन के पास से पाक्सो एक्ट के एक वांछित आरोपी को थाना एएचटी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर हुई इस कार्रवाई को बड़ी पुलिस सफलता माना जा रहा है।

आरोपी पुलिस की गिरफ्तार में
Deoria: देवरिया में अपराधियों के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पाक्सो एक्ट जैसे गंभीर मामले में वांछित चल रहा एक आरोपी आखिरकार कानून के शिकंजे में आ गया। बस स्टेशन जैसे भीड़भाड़ वाले इलाके से हुई यह गिरफ्तारी नहीं सिर्फ पुलिस की सक्रियता दिखाती है, बल्कि अपराधियों के लिए साफ संदेश भी है कि अब बचना आसान नहीं है। लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी को पकड़ते ही पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई।
क्या है पूरा मामला
यह कार्रवाई देवरिया के थाना एएचटी पुलिस द्वारा की गई। जिसमें आरोपी पर भारतीय दंड संहिता की धारा 363, 366, 376 और पाक्सो एक्ट की धारा 5J(II)/6 के तहत गंभीर आरोप दर्ज हैं। यह केस थाना कोतवाली देवरिया में पंजीकृत है। आरोपी काफी समय से पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था और उसकी तलाश लगातार जारी थी।
मुखबिर की सूचना बनी गिरफ्तारी की वजह
पुलिस को यह सफलता मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर मिली। सूचना मिलते ही थाना एएचटी की टीम हरकत में आ गई और योजनाबद्ध तरीके से देवरिया बस स्टेशन के आसपास घेराबंदी की गई। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचा, पुलिस ने बिना देर किए उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के दौरान किसी तरह का विरोध नहीं हुआ और आरोपी को सुरक्षित हिरासत में ले लिया गया।
कौन है गिरफ्तार आरोपी
गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान धन्नु उर्फ धनु साहनी पुत्र प्रभुनाथ साहनी के रूप में हुई है। वह गोहरुआ गांव का रहने वाला है, जो थाना गुठनी जनपद सिवान बिहार का निवासी बताया जा रहा है। आरोपी पर लगे आरोप बेहद गंभीर हैं और इसी वजह से पुलिस उसे लंबे समय से तलाश रही थी।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में कार्रवाई
पुलिस अधीक्षक देवरिया संजीव सुमन द्वारा जनपद में अपराध और अपराधियों पर लगाम लगाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में अपर पुलिस अधीक्षक उत्तरी आनंद कुमार पाण्डेय के कुशल निर्देशन में यह कार्रवाई अंजाम दी गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी।
गिरफ्तारी करने वाली टीम
इस पूरी कार्रवाई को थाना एएचटी देवरिया की टीम ने अंजाम दिया. टीम में प्रभारी निरीक्षक सुरेश कुमार वर्मा, उपनिरीक्षक सिंह, हेड कांस्टेबल अखिलेश्वर सिंह और कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल रहे। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।