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देवरिया में निर्माणाधीन भवन की जर्जर दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में दो मजदूरों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने राहत कार्य में मदद की, वहीं सुरक्षा मानकों की अनदेखी को लेकर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
प्रतीकात्मक छवि (Image Source; Dynamite News)
Deoria: उत्तर प्रदेश के देवरिया जिला मुख्यालय के सदर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार सुबह एक दर्दनाक हादसा हुआ। नगर पालिका परिसर के पास एक निर्माणाधीन भवन में पुरानी और जर्जर दीवार अचानक भरभराकर गिर गई।
जानकारी के अनुसार, अंसारी रोड निवासी आशीष कनोडिया अपने प्लॉट पर निर्माण कार्य करा रहे थे। इस काम की जिम्मेदारी एक ठेकेदार को दी गई थी, जिसने राघव नगर से मजदूर बुलाकर बेसमेंट की खुदाई शुरू कराई थी। सुबह करीब 11 बजे लगभग दो दर्जन मजदूर मौके पर काम कर रहे थे, तभी अचानक दीवार गिर गई और कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत मदद के लिए दौड़ पड़े।
इस हादसे में पांच मजदूर गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें स्थानीय लोगों की मदद से मलबे से निकालकर महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने योगेंद्र (50) और गोविंद (25) को मृत घोषित कर दिया, जबकि रामदयाल मनी, हरेंद्र और शारदा का इलाज जारी है। घायलों की हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
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घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और नगर पालिका की टीम मौके पर पहुंची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। मलबे में अन्य मजदूरों के फंसे होने की आशंका को देखते हुए जेसीबी मशीन की मदद से अभियान चलाया गया।
प्रारंभिक जांच में यह हादसा लापरवाही का नतीजा माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि जर्जर दीवार के पास बिना पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम के खुदाई कराई जा रही थी, जिससे दीवार कमजोर होकर गिर गई। घटना के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण मजदूरों की जान गई।
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। प्रशासन का कहना है कि दोषियों की पहचान कर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
यह हादसा एक बार फिर निर्माण स्थलों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी को उजागर करता है। स्थानीय लोग अब मांग कर रहे हैं कि जिम्मेदारों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके।