
बिना बैरिकेडिंग खोदा गया गड्ढा, बाइक सवार की मौत
Ghazipur News: नेशनल हाईवे का निर्माण चल रहा था, लेकिन सुरक्षा इंतजाम नदारद थे। न बैरिकेडिंग, न चेतावनी बोर्ड और न ही रोशनी की व्यवस्था। इसी लापरवाही ने एक घर का चिराग बुझा दिया। दुल्लहपुर थाना क्षेत्र के जलालाबाद में निर्माणाधीन एनएच-124डी पर 8 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर 30 वर्षीय रविंद्र पासवान की दर्दनाक मौत हो गई। प्रशासन ने मामले को गंभीर मानते हुए कार्यदायी संस्था के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी है।
क्या है पूरा मामला?
घटना शहीद वीर अब्दुल हमीद चौक के पास की है, जहां अंडरपास निर्माण के लिए करीब 8 फीट गहरा गड्ढा खोदा गया था। स्थानीय लोगों का कहना है कि मौके पर किसी भी तरह की सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी। न तो गड्ढे के चारों तरफ बैरिकेडिंग की गई थी और न ही चेतावनी बोर्ड लगाए गए थे। रात के समय पर्याप्त रोशनी भी नहीं थी, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ गया था।
अंत में हो गई मौत
जलालाबाद निवासी रविंद्र पासवान बाइक से वहां से गुजर रहे थे। सामने से आ रहे एक वाहन को बचाने की कोशिश में उनका संतुलन बिगड़ गया और वह सीधे गहरे गड्ढे में जा गिरे। गिरते ही उनके नाक और मुंह से खून बहने लगा। हादसे के बाद करीब 30 मिनट तक राहत कार्य शुरू नहीं हो सका। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से किसी तरह उन्हें बाहर निकाला गया और एंबुलेंस से मऊ जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
एक मिनट में सब कुछ खत्म
रविंद्र पासवान अपने पांच भाइयों में तीसरे नंबर पर थे। उनकी शादी तीन साल पहले हुई थी। वह महज दो महीने पहले ही सऊदी अरब से कमाकर घर लौटे थे। परिवार को उम्मीद थी कि अब घर की आर्थिक स्थिति बेहतर होगी, लेकिन एक लापरवाही ने सब कुछ छीन लिया। घटना के बाद घर में मातम पसरा हुआ है।
आधिकारिक बयान
एडीएम आयुष चौधरी ने बताया कि सुरक्षा मानकों का पालन न किए जाने के कारण यह दुखद हादसा हुआ। दुल्लहपुर थाने में संबंधित फर्म के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साथ ही परियोजना से जुड़े अभियंताओं की जिम्मेदारी तय करने के लिए एनएचएआई को रिपोर्ट भेजी गई है। प्रशासन ने मृतक के परिजनों को शासन द्वारा अनुमन्य सभी लाभ दिलाने की प्रक्रिया शुरू करने की भी बात कही है।
लोगों में आक्रोश
स्थानीय लोगों में घटना को लेकर आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद एक जान बचाई जा सकती थी।
Location : Ghazipur
Published : 11 February 2026, 11:33 PM IST