
पुतला दहन
Gorakhpur: सियासत में उस वक्त अचानक गर्मी बढ़ गई जब असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कथित विवादित बयान को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। मामला सिर्फ बयानबाजी तक सीमित नहीं रहा, बल्कि सड़क पर उतरकर जोरदार विरोध और पुतला दहन तक पहुंच गया। अंबेडकर चौक पर हुए इस प्रदर्शन ने शहर के राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया और एक बार फिर दलों के बीच जुबानी जंग को तेज कर दिया।
गोरखपुर में कांग्रेस के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश के बाद जिला कांग्रेस कमेटी और महानगर कांग्रेस कमेटी के कार्यकर्ता एकजुट होकर अंबेडकर चौक पर पहुंचे। यहां पहुंचते ही कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी शुरू कर दी और माहौल पूरी तरह राजनीतिक तनाव में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने मुख्यमंत्री का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया और सरकार के खिलाफ जमकर नारे लगाए।
प्रदर्शन का नेतृत्व जिला अध्यक्ष राजेश कुमार तिवारी ने किया। उन्होंने मंच से साफ कहा कि भाजपा नेताओं की भाषा अब लोकतांत्रिक मर्यादाओं को तोड़ रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि सत्ता के नशे में भाजपा नेता विपक्षी नेताओं के खिलाफ अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल कर रहे हैं। यह किसी भी लोकतांत्रिक व्यवस्था में स्वीकार्य नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राष्ट्रीय प्रवक्ता पवन खेड़ा के खिलाफ जिस तरह की टिप्पणी की गई है। वह न केवल अपमानजनक है बल्कि पूरे राजनीतिक तंत्र का अपमान है। कार्यकर्ताओं ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों पर हमला बताया और कहा कि इस तरह की भाषा राजनीति के स्तर को गिरा रही है।
गोरखपुर कोर्ट का बड़ा फैसला: आरोपी को 7 सालों तक जेल की रोटी खानी पड़ेगी, जानें क्या कांड किया था?
प्रदर्शन के दौरान अंबेडकर चौक पर कार्यकर्ताओं ने जोरदार नारेबाजी करते हुए हिमंत बिस्वा सरमा का पुतला जलाया। इस दौरान माहौल काफी देर तक गर्म रहा और लोग लगातार सरकार विरोधी नारे लगाते रहे।
Location : Gorakhpur
Published : 10 April 2026, 4:43 PM IST