Chandauli News: सिंचाई विभाग में पद खत्म करने पर भड़के कर्मचारी, सरकार को दी ये चेतावनी

यूपी सरकार द्वारा सिंचाई विभाग में पद समाप्त करने के फैसले के खिलाफ कर्मचारियों ने प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू कर दिया है। पढे़ं डाइनामाइट न्यूज़ की पूरी खबर

Post Published By: सौम्या सिंह
Updated : 5 June 2025, 9:46 AM IST

चंदौली: उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा सिंचाई विभाग में हेड, जिलेदार, मुंशी और हेड मुंशी जैसे कई महत्वपूर्ण पदों को समाप्त किए जाने के निर्णय के खिलाफ पूरे प्रदेश में कर्मचारियों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कर्मचारियों ने इस कदम को 'कर्मचारी विरोधी' बताते हुए इसे वापस लेने की मांग की है। इसी कड़ी में बुधवार को वाराणसी के सदर स्थित धरनास्थल पर सैकड़ों कर्मचारियों ने एकत्र होकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा।

डाइनामाइट न्यूज़ संवाददाता के अनुसार, प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ‘सबका साथ, सबका विकास’ का नारा तो देती है, लेकिन ज़मीनी स्तर पर नीतियाँ इसके विपरीत नज़र आ रही हैं। विभाग में वर्षों से काम कर रहे कर्मचारियों के अनुसार, इन पदों के समाप्त हो जाने से हजारों कर्मचारियों की नौकरी पर संकट खड़ा हो गया है। आंदोलनकारी कर्मचारियों ने स्पष्ट रूप से कहा कि नौकरी चले जाने की स्थिति में वे अपने परिवारों का भरण-पोषण नहीं कर पाएंगे और यह उनके जीवन के लिए संकट का कारण बन सकता है।

नेताओं ने खुलकर रखी अपनी बात

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द उनकी मांगों को नहीं माना, तो आंदोलन को और अधिक उग्र रूप दिया जाएगा। इस मौके पर सिंचाई विभाग के कर्मचारी संघ के नेताओं ने भी अपनी बात खुलकर रखी।

सिंचाई संघ के प्रतीक्षित अध्यक्ष सुरेंद्र प्रताप सिंह ने कहा, सरकार की इस मनमानी से हमारे सैकड़ों साथियों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। हम यह अन्याय नहीं सहेंगे और जब तक सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती, तब तक हमारा संघर्ष जारी रहेगा।

सिंचाई विभाग में पद खत्म करने पर भड़के कर्मचारी

मंडल अध्यक्ष अवधेश पांडे ने भी सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा, यह फैसला न केवल कर्मचारियों के हितों के खिलाफ है, बल्कि विभाग के कामकाज को भी प्रभावित करेगा। जिन पदों को समाप्त किया गया है, वे विभागीय संरचना का मूल आधार हैं।

जानिए क्या है कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?

  • समाप्त किए गए पदों को तत्काल प्रभाव से बहाल किया जाए।
  • विभाग में स्थायी कर्मियों की नौकरी की गारंटी दी जाए।
  • भविष्य में ऐसे निर्णय लेने से पहले कर्मचारियों से विचार-विमर्श किया जाए।

प्रदेशभर में मिल रहा समर्थन

बताया जा रहा है कि यह आंदोलन सिर्फ चंदौली तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के विभिन्न जिलों में भी कर्मचारी विरोध दर्ज करवा रहे हैं। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह केवल शुरुआत है और यदि सरकार ने जल्द ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो प्रदेशभर में कार्य बहिष्कार जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।

प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए थे, लेकिन आंदोलन पूरी तरह शांतिपूर्ण रहा। जिलाधिकारी ने कर्मचारियों के ज्ञापन को राज्यपाल तक पहुँचाने का आश्वासन दिया है। अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है।

Location :  Chandauli

Published :  5 June 2025, 9:46 AM IST