पराली जलाई तो लगेगा जुर्माना! डीएम ने प्रचार वाहन किया रवाना, गांव-गांव किसानों को किया जाएगा जागरुक

जनपद में पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन ने जागरूकता अभियान तेज कर दिया है। जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया

Updated : 29 October 2026, 5:03 PM IST
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महराजगंज: खेतों में पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। फसल अवशेषों के उचित प्रबंधन और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी गौरव सिंह सोगरवाल ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर से प्रचार वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह वाहन गांव-गांव पहुंचकर किसानों को पराली जलाने के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करेगा और फसल अवशेषों के वैज्ञानिक प्रबंधन के तरीके बताएगा।

पराली जलाने से प्रदूषण और मिट्टी की उर्वरता पर खतरा

प्रचार वाहन को रवाना करने के दौरान जिलाधिकारी ने किसानों से स्पष्ट अपील की कि वे फसल अवशेषों को खेतों में बिल्कुल न जलाएं। उन्होंने कहा कि पराली जलाने से वातावरण में वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका सीधा प्रतिकूल प्रभाव मानव स्वास्थ्य पर पड़ता है। इसके अलावा मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और भूमि में मौजूद लाभकारी सूक्ष्मजीव नष्ट हो जाते हैं। इसका असर कृषि उत्पादन के साथ पर्यावरण के संतुलन पर भी पड़ता है।

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डीएम ने कहा कि फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन केवल पर्यावरण संरक्षण तक सीमित नहीं है, बल्कि खेतों की मिट्टी को उपजाऊ बनाए रखने के लिए भी जरूरी है। किसानों को चाहिए कि वे पराली जलाने के बजाय वैज्ञानिक तकनीकों को अपनाएं, ताकि मिट्टी की गुणवत्ता बनी रहे और कृषि उत्पादन को भी नुकसान न पहुंचे।

अनुदान पर कृषि यंत्रों का लाभ उठाएं किसान

जिलाधिकारी ने किसानों से कृषि विभाग की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने कहा कि अनुदान पर उपलब्ध कृषि यंत्रों और आधुनिक तकनीकों के माध्यम से फसल अवशेषों का उचित प्रबंधन किया जा सकता है। इससे पराली जलाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और खेतों की उर्वरता भी सुरक्षित रहेगी।

फसल अवशेष प्रबंधन योजना के अंतर्गत संचालित प्रचार वाहन ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों को जागरूक करेगा। अभियान के जरिए किसानों को पराली के समुचित निस्तारण के विकल्पों और पर्यावरण के अनुकूल कृषि पद्धतियों की जानकारी दी जाएगी।

पराली जलाई तो हो सकती है दंडात्मक कार्रवाई

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) और माननीय उच्चतम न्यायालय के निर्देशों के तहत पराली जलाने पर जुर्माने सहित अन्य दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान है। उन्होंने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों को जागरूक करना और उन्हें ऐसी स्थिति से बचाना है, जिसमें उन्हें दंडात्मक कार्रवाई का सामना करना पड़े।

उन्होंने जनपद के सभी किसानों से पर्यावरण संरक्षण में सहभागी बनने, पराली नहीं जलाने और जिम्मेदार कृषि पद्धतियों को अपनाने की अपील की। प्रशासन ने इस अभियान के माध्यम से किसानों के सहयोग से पराली जलाने की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने की दिशा में पहल की है।

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इस अवसर पर उप निदेशक कृषि संजीव कुमार, अतिरिक्त उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ, जिला कृषि अधिकारी एसपी सिंह सहित कृषि विभाग के संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।

Location :  Maharajganj

Published :  29 October 2026, 5:03 PM IST

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