बदायूं के एचपीसीएल दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके परिजनों पर पुलिस गैंगस्टर एक्ट व NSA लगाने की तैयारी कर रही है। अब तक आठ मुकदमे दर्ज हैं और अवैध गतिविधियों के कई मामलों का भी खुलासा हुआ है।

हत्याकांड के बाद पुलिस का बड़ा एक्शन (सोर्स- डाइनामाइट न्यूज़)
Budaun: उत्तर प्रदेश के बदायूं के सैजनी स्थित एचपीसीएल प्लांट में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के बाद पुलिस अब सख्त कार्रवाई के मूड में नजर आ रही है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह, उसके परिजनों और सहयोगियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी तेज कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि यह पूरा मामला एक संगठित गिरोह से जुड़ा हुआ है, जिसके चलते कठोर कानूनी कार्रवाई जरूरी हो गई है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि अजय प्रताप सिंह और उसके परिवार के खिलाफ अब तक कुल आठ मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। इन मामलों में बिजली चोरी, अवैध कब्जा और अन्य गंभीर अपराध शामिल हैं। मूसाझाग थाने में चार मुकदमे, बिजली थाने में एक और तहसीलदार दातागंज कोर्ट में दो मामले दर्ज हैं। इन सभी मामलों को देखते हुए पुलिस इस पूरे नेटवर्क को एक गैंग के रूप में जांच रही है।
गौरतलब है कि 12 मार्च 2026 को एचपीसीएल प्लांट में डीजीएम सुधीर गुप्ता और सहायक मुख्य प्रबंधक हर्षित की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना ने पूरे जिले में सनसनी फैला दी थी। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी अजय प्रताप सिंह और उसके दो साथियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि अजय के परिवार के कई सदस्य भी विभिन्न अपराधों में शामिल रहे हैं। उसके ताऊ राकेश सिंह, पिता और भाइयों के खिलाफ भी अलग-अलग मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस अब यह जांच कर रही है कि इन सभी की भूमिका किस हद तक इस हत्याकांड और अन्य आपराधिक गतिविधियों में रही है।
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गैंगस्टर एक्ट के साथ-साथ पुलिस राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) लगाने की संभावनाएं भी तलाश रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में पर्याप्त साक्ष्य मिलते हैं तो आरोपियों के खिलाफ और भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके लिए घटनास्थल और अन्य सबूतों की गहन जांच जारी है।
जांच में यह भी सामने आया है कि सैजनी गांव में अजय का परिवार ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करके अवैध बाजार संचालित करता था। सप्ताह में दो दिन बाजार लगाकर दुकानदारों से तहबाजारी वसूली जाती थी, जिससे लाखों रुपये की कमाई होती थी। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने इस बाजार को बंद करा दिया था।
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एसडीएम दातागंज धर्मेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि तहबाजारी के मामले में दोषियों के खिलाफ जल्द ही मूसाझाग थाने में नया मुकदमा दर्ज किया जाएगा। इसके लिए प्रशासनिक स्तर पर प्रक्रिया पूरी की जा रही है। वहीं, पुलिस फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है।
सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय के अनुसार, आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट और एनएसए के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुलिस का मानना है कि इस सख्त कार्रवाई से अपराधियों पर दबाव बनेगा और जिले में कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।