नोएडा में तैयार हुआ था बड़े आतंकी नेटवर्क का ब्लूप्रिंट, गौतमबुद्ध नगर में एक्टिव थे स्लीपर सेल, जानें कैसे हुआ खुलासा

एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की जांच में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े एक कथित स्लीपर सेल नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध विभिन्न संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे

Updated : 9 June 2026, 6:43 PM IST

Noida: एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) की जांच में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से जुड़े एक कथित स्लीपर सेल नेटवर्क को लेकर कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि गिरफ्तार किए गए कुछ संदिग्ध विभिन्न संवेदनशील स्थानों की रेकी कर रहे थे और सोशल मीडिया के माध्यम से विदेशी नेटवर्क के संपर्क में थे। हालांकि, जांच अभी जारी है और एजेंसियां पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी हैं।

नोएडा से हुई थी पहली गिरफ्तारी

ATS ने 23 अप्रैल को नोएडा के सेक्टर-126 थाना क्षेत्र से मेरठ निवासी तुषार चौहान और बागपत निवासी समीर खान को गिरफ्तार किया था। इसके बाद 27 मई को सहारनपुर से महकाब, शाहरुख, गगनदीप उर्फ गुर और मुसर्रफ को भी हिरासत में लिया गया।

सोशल मीडिया के जरिए जुड़े थे नेटवर्क से

जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी कथित रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से विदेश में बैठे कुछ लोगों के संपर्क में आए थे। एटीएस के मुताबिक, आरोपियों को विभिन्न स्थानों की रेकी करने का टास्क दिया गया था। इनमें राजनीतिक कार्यालय, अस्पताल, स्कूल और कुछ अन्य महत्वपूर्ण ठिकाने शामिल बताए जा रहे हैं।

नोएडा में हुई थी गुप्त बैठक

सूत्रों के अनुसार, जांच में यह भी जानकारी मिली है कि आगे की रणनीति तैयार करने के लिए नोएडा में एक गुप्त बैठक आयोजित की गई थी। इसी दौरान कुछ संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी ATS को मिली और एजेंसी ने निगरानी बढ़ा दी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को नोएडा से गिरफ्तार किया गया।

समुद्र से उठता है, हिमालय से टकराता है… आखिर कैसे पूरे भारत को भिगोता है मानसून?

हथियार मिलने से पहले ही हुई गिरफ्तारी

ATS अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों के पास से कोई हथियार या विस्फोटक बरामद नहीं हुआ है। हालांकि पूछताछ में यह जानकारी सामने आई कि कथित तौर पर उन्हें भविष्य में हथियार और अन्य सामग्री उपलब्ध कराई जानी थी। जांच एजेंसियां इस दावे की भी गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

पश्चिमी यूपी में और कार्रवाई की तैयारी

सूत्रों के अनुसार, ATS ने गिरफ्तार छह आरोपियों से जुड़ी विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर मुख्यालय भेज दी है। एजेंसी अब अन्य संभावित संदिग्धों और स्लीपर सेल नेटवर्क की पहचान में जुटी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में और कार्रवाई हो सकती है।

क्या आप भी जा रहे हैं नैनीताल? पहले जान लें वहां का हाल-होटल फुल, पार्किंग पैक और सड़कों पर लंबा जाम

कई सवालों के जवाब बाकी

फिलहाल पूरा मामला जांच के अधीन है। एजेंसियां मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद से नेटवर्क की वास्तविक पहुंच और मंशा का पता लगाने में जुटी हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की स्पष्ट तस्वीर सामने आ सकेगी।

Location :  Noida

Published :  9 June 2026, 6:43 PM IST