करोड़ों का बकाया! क्या मिलेगा किसानों का हक? बरेली की चीनी मिल पर मंडराया संकट; जानिए पूरा सच

बरेली में किसानों के करोड़ों रुपये के गन्ना भुगतान को लेकर प्रशासन ने चीनी मिलों की कुर्क संपत्तियों पर कार्रवाई तेज कर दी है। बहेड़ी की केसर चीनी मिल के बाद अब नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल की जमीन भी नीलामी की तैयारी में है। आखिर कितनी रकम किसानों की फंसी है और नीलामी के जरिए प्रशासन किस तरह बकाया वसूलने की तैयारी कर रहा है?

Post Published By: Pratibha Yadav
Updated : 5 September 2026, 1:03 PM IST
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Bareilly: उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में किसानों के करोड़ों रुपये के बकाया गन्ना मूल्य की वसूली के लिए प्रशासन ने चीनी मिलों पर शिकंजा कसना तेज कर दिया है। बहेड़ी स्थित केसर चीनी मिल की कुर्क संपत्तियों के बाद अब नवाबगंज चीनी मिल की कुर्क संपत्तियों को नीलाम करने की तैयारी है। इससे पहले बहेड़ी चीनी मिल की संपत्ति की नीलामी प्रक्रिया शुरू हुई थी, लेकिन विरोध और अन्य कारणों के चलते इसे स्थगित करना पड़ा था।

नए सर्किल रेट से होगा संपत्तियों का दोबारा मूल्यांकन

बहेड़ी चीनी मिल पर किसानों का करीब 146.50 करोड़ रुपये गन्ना मूल्य बकाया बताया गया है। किसानों की रकम की वसूली के लिए प्रशासन ने मिल की संपत्तियां कुर्क की थीं। करीब तीन महीने पहले इन संपत्तियों की नीलामी की कोशिश की गई, लेकिन किसान संगठनों और राजनीतिक दलों के विरोध के बाद प्रक्रिया स्थगित कर दी गई। अब नए सर्किल रेट लागू होने के बाद कुर्क संपत्तियों का दोबारा मूल्यांकन कराया जा रहा है। इसके लिए सात सदस्यीय टीम गठित की गई है। मूल्यांकन पूरा होने के बाद प्रशासन नए सिरे से नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाएगा।

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तकनीकी रिपोर्ट के बाद आगे बढ़ेगी नीलामी

चीनी मिल की मशीनरी और अन्य उपकरणों का मूल्य तय करने के लिए वसंतदादा शुगर इंस्टीट्यूट, पुणे की तकनीकी टीम से आकलन कराया गया है। टीम मशीनरी और उपकरणों का निरीक्षण कर चुकी है और अब उसकी रिपोर्ट का इंतजार है। रिपोर्ट मिलने के बाद संपत्तियों की कीमत तय करने और नीलामी की अगली कार्रवाई की राह साफ होगी।

नवाबगंज चीनी मिल की जमीन भी नीलामी के दायरे में

प्रशासन अब नवाबगंज की ओसवाल चीनी मिल की कुर्क जमीन की नीलामी की दिशा में भी कदम बढ़ा रहा है। किसानों के करीब 70 करोड़ रुपये के बकाया गन्ना मूल्य की वसूली के लिए मिल की जमीन कुर्क की गई थी। इसकी बिक्री की प्रक्रिया पहले शुरू हुई, लेकिन जमीन नहीं बिक सकी। अब अधिकारियों को इसी महीने कुर्क जमीन की नीलामी की प्रक्रिया आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं। ऐसे में बहेड़ी के साथ नवाबगंज चीनी मिल की संपत्तियों को लेकर भी प्रशासनिक गतिविधियां तेज होने की संभावना है।

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किसानों का बकाया दिलाना प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती

दोनों चीनी मिलों पर किसानों की बड़ी रकम बकाया होने के कारण लंबे समय से भुगतान का मुद्दा बना हुआ है। प्रशासन की कोशिश कुर्क संपत्तियों की नीलामी के जरिए बकाया धनराशि की वसूली करने की है। बहेड़ी मिल की तकनीकी रिपोर्ट और नए मूल्यांकन के बाद नीलामी की तारीख तय होने की उम्मीद है, जबकि नवाबगंज में भी कुर्क जमीन की बिक्री के लिए प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।

Location :  Bareilly

Published :  5 September 2026, 1:03 PM IST

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