Ballia News: स्कूल की छत पर लौकी-तोरई तोड़ने गया चौथी का छात्र, हाईटेंशन तार ने छीन ली जिंदगी

बलिया के कनैला प्राथमिक विद्यालय में छत पर लौकी-तोरई तोड़ने गए चौथी के छात्र अरशद की HT तार की चपेट में आने से मौत हो गई। परिजनों ने मुआवजे और कार्रवाई की मांग की है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 2 November 2026, 5:50 PM IST

Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक दर्दनाक हादसे में प्राथमिक विद्यालय के चौथी कक्षा के छात्र अरशद की मौत हो गई। घटना गड़वार थाना क्षेत्र के कनैला गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय की है। जानकारी के मुताबिक, छात्र स्कूल की छत पर तोरई और लौकी तोड़ने गया था।

इसी दौरान वह छत के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन (HT) बिजली के तार की चपेट में आ गया। करंट लगने से उसकी जान चली गई। हादसे के बाद परिवार में मातम पसरा है। वहीं, घटना को लेकर ग्रामीणों और परिजनों ने स्कूल प्रबंधन तथा जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए हैं।

स्कूल की छत पर कैसे पहुंचा छात्र?

मिली जानकारी के अनुसार, अरशद प्राथमिक विद्यालय कनैला में कक्षा चार का छात्र था। बताया जा रहा है कि वह स्कूल की छत पर लगी तोरई और लौकी तोड़ने पहुंचा था। इसी दौरान छत के ऊपर से गुजर रहे हाईटेंशन तार की चपेट में आने से उसकी मौत हो गई।

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हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि छात्र खुद छत पर पहुंचा था या किसी ने उसे वहां जाने के लिए कहा था। ग्रामीणों के बीच यह सवाल चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर इतनी कम उम्र का बच्चा छत पर सब्जियां तोड़ने कैसे पहुंचा और उस समय स्कूल में कौन मौजूद था।

40 साल पुराना HT तार, छह साल पहले बना स्कूल

इस घटना के बाद स्कूल के निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, विद्यालय भवन का निर्माण करीब छह साल पहले हुआ था, जबकि उसके ऊपर से गुजर रहा हाईटेंशन तार लगभग 40 साल पुराना बताया जा रहा है।

हादस के बाद घटनास्थल पर जुड़ी भीड़ (Img- Dynamite News)

ऐसे में ग्रामीण सवाल कर रहे हैं कि बिजली की हाईटेंशन लाइन के नीचे स्कूल भवन बनाने की अनुमति किसने दी थी? निर्माण से पहले सुरक्षा मानकों की जांच हुई थी या नहीं? इन सवालों के जवाब अब जिम्मेदार विभागों से मांगे जा रहे हैं।

परिजनों ने मुआवजे और सरकारी नौकरी की मांग की

हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, परिजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे तथा जिम्मेदार शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए शव ले जाने से रोक दिया।

परिवार की मांग है कि उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए। परिजनों ने मांगें पूरी होने तक अंतिम संस्कार नहीं करने की बात कही है।

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चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था अरशद

अरशद अपने परिवार में चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसके पिता इजहार अहमद निजी नौकरी करते हैं। बेटे की मौत से परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी शोक का माहौल है। ग्रामीणों ने घटना की निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग उठाई है।

जांच में सामने आएंगे जिम्मेदारी से जुड़े सवाल

अब इस मामले में कई अहम सवालों के जवाब तलाशे जाने हैं। स्कूल की छत पर सब्जियां तोड़ने के लिए छात्र कैसे पहुंचा? उस समय स्कूल में कौन-कौन मौजूद था? भवन निर्माण के दौरान हाईटेंशन तार को लेकर सुरक्षा जांच हुई थी या नहीं? बिजली विभाग और शिक्षा विभाग के अधिकारियों की क्या जिम्मेदारी थी? इन सभी बिंदुओं की जांच जरूरी है। फिलहाल पुलिस की कार्रवाई और संबंधित विभागों की जांच के बाद ही हादसे की परिस्थितियों तथा जिम्मेदारी से जुड़ी तस्वीर स्पष्ट हो सकेगी।

Location :  Ballia

Published :  2 November 2026, 5:50 PM IST