Ballia News: नाबालिग को भगाने के मामले में दोषी को 25 साल की सजा, 40 हजार रुपये जुर्माना

बलिया के मनियर थाना क्षेत्र में करीब 13 वर्षीय नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में विशेष पॉक्सो अदालत ने अभिषेक चौहान को 25 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया। मामला नवंबर 2023 में दर्ज हुआ था। पुलिस के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की पैरवी के बाद फैसला आया।

Post Published By: Bobby Raj
Updated : 26 October 2026, 8:03 PM IST
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Ballia: उत्तर प्रदेश के बलिया में नाबालिग किशोरी को बहला-फुसलाकर भगाने के मामले में अदालत ने अभियुक्त को 25 साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही 40 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला मनियर थाने में दर्ज वर्ष 2023 के मामले में सुनाया गया। पुलिस के अनुसार, मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग की पैरवी के बाद यह निर्णय आया।

13 साल की किशोरी को भगाने का मामला

यह मामला बलिया जिले के मनियर थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, 18 नवंबर 2023 की रात करीब 11 बजे अभियुक्त अभिषेक चौहान पुत्र स्वर्गीय अच्छेलाल चौहान, निवासी पिलुई, थाना मनियर, वादी की करीब 13 वर्षीय बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था।

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इस घटना के बाद मनियर थाने में मुकदमा अपराध संख्या 342/2023 दर्ज किया गया। पुलिस ने मामले की विवेचना की और जांच पूरी होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया। इसके बाद मामले की सुनवाई विशेष न्यायालय में हुई।

पॉक्सो एक्ट के तहत 25 साल का कारावास

विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट), कोर्ट संख्या-08, बलिया ने अभियुक्त को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। न्यायालय ने पॉक्सो एक्ट की धारा 6 के तहत 25 वर्ष के सश्रम कारावास और 20 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा।

इसके अलावा, भारतीय दंड संहिता की धारा 363 के तहत पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई। अर्थदंड नहीं देने पर तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।

वहीं, धारा 366 के तहत सात वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड का आदेश दिया गया। इस अर्थदंड को जमा नहीं करने पर छह महीने का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इस तरह तीनों धाराओं के तहत कुल 40 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है।

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ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई पैरवी

पुलिस के मुताबिक, इस मामले में मॉनिटरिंग सेल और अभियोजन विभाग ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। इसी प्रक्रिया के तहत अदालत ने उपलब्ध साक्ष्यों और मामले की सुनवाई के बाद अभियुक्त को दोषसिद्ध ठहराते हुए सजा सुनाई।यह कार्रवाई पुलिस की ओर से चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत हुई। इस अभियान का उद्देश्य आपराधिक मामलों में प्रभावी पैरवी के जरिए दोषसिद्धि सुनिश्चित करना है।

Location :  Ballia

Published :  26 October 2026, 8:03 PM IST

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