
अयोध्या राम मंदिर घोटाला (Img- Pinterest)
Ayodhya: अयोध्या के भव्य राम मंदिर में आने वाले चढ़ावे की नकदी और कीमती सामान की कथित चोरी और गबन के मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच कर रही पुलिस अब आरोपियों की जड़ों पर प्रहार करने की तैयारी में है।
पुलिस ने जिला राजस्व विभाग से एक बेहद गोपनीय और महत्वपूर्ण जानकारी मांगी है। पुलिस को शक है कि मंदिर के गर्भगृह और दानपात्र से गायब हुआ पैसा अब अचल संपत्तियों में बदला जा चुका है।
जांच एजेंसियों का शिकंजा अब केवल मुख्य आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, मामले में गिरफ्तार किए गए आठ आरोपियों के 20 बेहद करीबी रिश्तेदारों और सहयोगियों की पहचान की गई है।
राजस्व विभाग से इन सभी 20 लोगों द्वारा हाल के दिनों में की गई जमीन खरीद और अन्य वित्तीय लेनदेन का पूरा ब्यौरा मांगा गया है। पुलिस को पुख्ता अंदेशा है कि आरोपियों ने चोरी की गई भारी-भरकम रकम को ठिकाने लगाने के लिए अपने इन रिश्तेदारों के नाम पर जमीनों की रजिस्ट्री करवाई है।
इस सनसनीखेज गबन मामले में अब तक आठ लोगों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है। गिरफ्तार आरोपियों में राम शंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव, रामशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव, अविनाश शुक्ला, लवकुश मिश्रा, अनुकल्प मिश्रा, मनीष कुमार यादव और करुणेश पांडेय शामिल हैं।
चौंकाने वाली बात यह है कि इनमें से छह आरोपी सीधे तौर पर मंदिर में आने वाले चढ़ावे की गिनती करने वाली टीम का हिस्सा थे। वहीं, सुभाष श्रीवास्तव श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा नियुक्त दान गिनती कक्ष के सुपरवाइजर थे और टिन्नू यादव ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय के ड्राइवर थे। इस मामले की गूंज इतनी तेज थी कि चंपत राय को अपने पद से इस्तीफा तक देना पड़ा था।
जांच को पुख्ता बनाने के लिए पुलिस के हाथ सबसे बड़ा हथियार 'सीसीटीवी फुटेज' लगा है। दान गिनती कक्ष के कैमरों में कैद फुटेज में गिरफ्तार किए गए छह कर्मचारी पैसे गिनने के दौरान बेहद चालाकी से नकदी छिपाते हुए रंगे हाथों देखे गए हैं।
इस बीच, साजिश की गहरी परतों को खोलने के लिए पुलिस ने मुख्य सूत्रधार माने जा रहे सुभाष श्रीवास्तव और टिन्नू यादव को सात दिन की पुलिस रिमांड पर लेने के लिए स्थानीय अदालत का दरवाजा खटखटाया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि पुलिस का मुख्य फोकस इस बात पर है कि आखिर श्रद्धालुओं की आस्था के पैसे का इस्तेमाल कहां-कहां किया गया। अब तक की छापेमारी में पुलिस ने आरोपियों के पास से भारी मात्रा में नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और कुछ लग्जरी वाहन बरामद किए हैं।
इसके साथ ही अयोध्या के स्थानीय प्रॉपर्टी कारोबारियों से भी कड़ी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, आरोपियों के घरों से कुछ संपत्तियों के दस्तावेज भी मिले हैं, लेकिन वे सीधे तौर पर चोरी के पैसे से खरीदे गए हैं या नहीं, इसकी कानूनी जांच की जा रही है।
Location : Ayodhya
Published : 13 July 2026, 9:25 AM IST