अयोध्या राम मंदिर में बड़ा फेरबदल: चंपत राय के बाद संघ के भैयाजी जोशी भी जिम्मेदारी से मुक्त, RSS में छिड़ी नई बहस

अयोध्या राम मंदिर में दाना चोरी विवाद के बाद प्रशासनिक बदलाव जारी हैं। चंपत राय और गोपाल राव के बाद अब RSS के भैयाजी जोशी भी पालक पद से मुक्त कर दिए गए हैं। नए चेहरे की तलाश के बीच संघ में भूमिका को लेकर मंथन जारी है।

Post Published By: Suresh Prajapati
Updated : 3 August 2026, 9:46 AM IST

Ayodhya: अयोध्या के भव्य श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में दाना चोरी की घटना के बाद से शुरू हुई प्रशासनिक उथल-पुथल थमने का नाम नहीं ले रही है। चंपत राय, डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव की रवानगी के बाद अब राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी और राम मंदिर के पालक नियुक्त किए गए भैयाजी जोशी को भी उनके दायित्व से मुक्त कर दिया गया है। इस बड़े घटनाक्रम के बाद अयोध्या से लेकर नागपुर तक राम मंदिर प्रबंधन को लेकर नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

नए पालक चेहरे की तलाश और दिल्ली से जुड़ाव

भैयाजी जोशी के हटने के बाद संघ नेतृत्व अब मंदिर पालक की जिम्मेदारी संभालने के लिए एक नए और कद्दावर चेहरे की तलाश में जुट गया है। सूत्रों के मुताबिक, इस दौड़ में दिल्ली के एक वरिष्ठ प्रचारक का नाम सबसे आगे चल रहा है। हालांकि, नए पालक के नाम का औपचारिक ऐलान होने में समय लग रहा है, क्योंकि संगठन के भीतर इस भूमिका के स्वरूप को लेकर गहन विचार-विमर्श चल रहा है।

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संघ के भीतर छिड़ा दो खेमों का वैचारिक मंथन

इस पूरे घटनाक्रम ने RSS के शीर्ष नेतृत्व के सामने एक बड़ी वैचारिक चुनौती खड़ी कर दी है। जानकारी के अनुसार, संघ का थिंक टैंक दो विचारों में बंटा हुआ नजर आ रहा है।

एक खेमे की राय है कि संगठन को राम मंदिर के दैनिक और प्रशासनिक मामलों से थोड़ा दूर रहना चाहिए ताकि किसी भी विवाद का सीधा असर संघ की छवि पर न पड़े। वहीं, दूसरा खेमा यह मानता है कि मंदिर प्रबंधन पर संघ का प्रभावी अंकुश और मार्गदर्शन बना रहना बेहद जरूरी है।

चोरी विवाद, इस्तीफा और आगे की राह

गौरतलब है कि चढ़ावा और दाना चोरी प्रकरण के बाद ट्रस्ट के भीतर माहौल काफी गरमा गया था। पूर्व महासचिव चंपत राय के इस्तीफे और उनके द्वारा सार्वजनिक किए गए पत्र ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया था।

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इसके बाद से ही प्रबंधन में बड़े फेरबदल की पटकथा लिखी जाने लगी थी। अब देखना यह होगा कि आने वाले दिनों में नए पालक की नियुक्ति के साथ राम मंदिर ट्रस्ट का स्वरूप किस दिशा में आगे बढ़ता है।

Location :  Ayodhya

Published :  3 August 2026, 9:46 AM IST