महराजगंज में मॉडिफाइड साइलेंसर पर एआरटीओ की नजर, चलाया जांच अभियान

महराजगंज में एआरटीओ ने मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ अभियान चलाकर गैराज और शोरूम का औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान कहीं भी अवैध साइलेंसर नहीं मिला, जिस पर अधिकारियों ने संतोष जताया। दुकानदारों और वाहन स्वामियों को अनधिकृत मॉडिफिकेशन पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 18 April 2026, 7:19 PM IST

Maharajganj : सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) मनोज सिंह ने शनिवार को फरेंदा क्षेत्र में मॉडिफाइड साइलेंसर के खिलाफ प्रवर्तन अभियान चलाया। इस दौरान अलग-अलग मोटरसाइकिल गैराज, डेकोरेशन शोरूम और बाइक शोरूम का औचक निरीक्षण कर साइलेंसर की बिक्री की जांच की गई। हालांकि जांच में कहीं भी मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं मिला, जिस पर अधिकारियों ने संतोष जताया।

दुकानदारों को दी सख्त चेतावनी

निरीक्षण के दौरान एआरटीओ ने दुकान स्वामियों को सख्त चेतावनी देते हुए जागरूक किया कि वाहनों में अनधिकृत मॉडिफिकेशन करना कानूनन अपराध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस तरह की गतिविधियों पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

कानून का उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई

एआरटीओ ने बताया कि यदि कोई वाहन स्वामी अपने वाहन में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर या अन्य उपकरण लगाता है, तो उसके विरुद्ध मोटरयान अधिनियम 1988 की धारा 182ए (4) के तहत कार्रवाई होगी। इस धारा के अंतर्गत छह माह तक का कारावास या पांच हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं।

इसके अलावा, ध्वनि प्रदूषण या सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ धारा 190 (2) के तहत भी कार्रवाई का प्रावधान है, जिसमें पहली बार अपराध करने पर तीन माह तक की सजा या दस हजार रुपये तक का जुर्माना अथवा दोनों हो सकते हैं। साथ ही चालक का ड्राइविंग लाइसेंस तीन माह के लिए निरस्त किया जा सकता है।

पहले ही दी जा चुकी है जागरूकता

एआरटीओ ने बताया कि 17 अप्रैल को उपसंभागीय परिवहन कार्यालय, महराजगंज में डीलरों, गैराज संचालकों और वर्कशॉप संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें कानून के प्रावधानों की जानकारी दी गई थी। बैठक में स्पष्ट किया गया था कि मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या हूटर की बिक्री व स्थापना करने वालों के खिलाफ धारा 182ए (3) के तहत एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जा सकता है।

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आरसी निलंबन की भी चेतावनी

उन्होंने यह भी कहा कि जिन वाहनों में ऐसे अवैध उपकरण पाए जाएंगे, उनके खिलाफ धारा 53 (1) के तहत आरसी निलंबन की कार्रवाई भी प्राथमिकता के आधार पर की जाएगी।

वाहन स्वामियों से अपील

अंत में एआरटीओ ने जनपद के वाहन स्वामियों से अपील की कि वे अपने वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न या अन्य ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले उपकरण न लगाएं। अन्यथा सख्त कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।

Location :  Maharajganj

Published :  18 April 2026, 7:19 PM IST