नेपाल की तबाही का असर अब महराजगंज में दिखने लगा? गंडक-रोहिन का बढ़ा जलस्तर, जानें नदियों का ताजा हाल

नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन के बीच महराजगंज की नदियों के जलस्तर में बदलाव देखने को मिला है। 28 अगस्त शाम 4 बजे की फ्लड रिपोर्ट के मुताबिक गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से 1,02,100 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रोहिन और महाव नाला में भी बढ़ोतरी है, जबकि राप्ती और प्यासी नदी में पानी घटा है। फिलहाल सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं।

Post Published By: Asmita Patel
Updated : 28 August 2026, 6:48 PM IST

Maharajganj: नेपाल में भारी बारिश और भूस्खलन के बीच महराजगंज में नदियों का जलस्तर प्रशासन के लिए चिंता का विषय बन गया है। शुक्रवार शाम 4 बजे जारी बाढ़ रिपोर्ट में गंडक, रोहिन और महाव नाला में पानी बढ़ने की स्थिति सामने आई है। सबसे अहम स्थिति गंडक नदी की है, जहां वाल्मीकिनगर बैराज से 1,02,100 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है और इसमें बढ़ोतरी का संकेत दिया गया है। रोहिन बैराज के अपस्ट्रीम में भी पानी खतरे के स्तर से ऊपर दर्ज किया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि राप्ती और प्यासी नदी में जलस्तर घट रहा है और महराजगंज तथा नेपाल क्षेत्र के सभी तटबंध फिलहाल सुरक्षित बताए गए हैं।

गंडक में 1.02 लाख क्यूसेक पानी का डिस्चार्ज

सिंचाई खंड-2 महराजगंज के बाढ़ नियंत्रण कक्ष की ओर से 28 अगस्त 2026 को शाम 4 बजे जारी रिपोर्ट के मुताबिक गंडक बैराज वाल्मीकिनगर से इस समय 1,02,100 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। रिपोर्ट में पानी के बढ़ने का संकेत दिया गया है। गंडक बैराज का खतरे का स्तर 109.670 मीटर है। वहीं अपस्ट्रीम जलस्तर 110.41 मीटर और डाउनस्ट्रीम जलस्तर 106.89 मीटर दर्ज किया गया है।

रोहिन बैराज पर खतरे के स्तर से ऊपर पानी

रोहिन नदी को लेकर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। रतनपुर स्थित रोहिन बैराज के अपस्ट्रीम में जलस्तर 99.48 मीटर दर्ज किया गया है। यहां निर्धारित खतरे का स्तर 99.35 मीटर है। यानी अपस्ट्रीम जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर है। रोहिन बैराज से फिलहाल 1,038 क्यूसेक पानी डिस्चार्ज हो रहा है और रिपोर्ट में जलप्रवाह बढ़ने का संकेत दिया गया है। हालांकि, त्रिमुहानी घाट पर स्थिति अलग है। यहां रोहिन नदी का जलस्तर 78.38 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के स्तर 82.44 मीटर से नीचे है।

नेपाल में बारिश के बीच फिर बढ़ा नारायणी का पानी, टेल फाल पर हाई अलर्ट; नदी किनारे जाने पर रोक, SSB मुस्तैद

खतरे के करीब पहुंचा पानी

महराजगंज में महाव नाला भी प्रशासन की निगरानी में है। रिपोर्ट के मुताबिक यहां वर्तमान जलस्तर 4 फीट दर्ज किया गया है, जबकि खतरे का स्तर 5 फीट है। यानी पानी अभी खतरे के निशान से नीचे है, लेकिन जलस्तर में बढ़ोतरी जारी रहने के कारण स्थिति पर नजर रखना जरूरी है। नेपाल में बारिश के हालात को देखते हुए स्थानीय प्रशासन किसी भी बदलाव को लेकर सतर्क है।

राप्ती और प्यासी नदी में मिली राहत

जहां गंडक, रोहिन और महाव नाला में पानी बढ़ रहा है, वहीं राप्ती और प्यासी नदी में जलस्तर घटने की जानकारी मिली है। रेगौल्ली में राप्ती नदी का जलस्तर 76.42 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का स्तर 80.30 मीटर है। रिपोर्ट में राप्ती के जलस्तर में गिरावट बताई गई है। इसी तरह प्यासी नदी का जलस्तर 100.80 मीटर दर्ज हुआ है और इसमें भी गिरावट की स्थिति है। प्यासी नदी का खतरे का स्तर 102.25 मीटर निर्धारित है।

तिब्बत की टूटी बैरियर लेक से मचा हड़कंप, नेपाल के रास्ते महराजगंज-कुशीनगर तक मंडराया बाढ़ का खतरा!

चंदन नदी का जलस्तर उपलब्ध नहीं

बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट में चंदन नदी का वर्तमान जलस्तर उपलब्ध नहीं है। हालांकि, यहां खतरे का स्तर 101.05 मीटर और अब तक का उच्चतम स्तर 101.80 मीटर दर्ज किया गया है। इसी तरह भोरा बारी घाट पर रोहिन नदी का वर्तमान जलस्तर भी रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं कराया गया है। ऐसे में इन स्थानों पर भी निगरानी बनाए रखना जरूरी है।

तटबंध फिलहाल सुरक्षित

नेपाल में बिगड़े हालात के बीच महराजगंज प्रशासन के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि फिलहाल जिले और नेपाल क्षेत्र के सभी तटबंध सुरक्षित बताए गए हैं। बाढ़ नियंत्रण कक्ष की रिपोर्ट के मुताबिक किसी भी तटबंध में फिलहाल नुकसान की सूचना नहीं है। हालांकि, नदियों के जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव को देखते हुए सिंचाई विभाग और प्रशासन की टीमें स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

Location :  Maharajganj

Published :  28 August 2026, 6:48 PM IST