विवाद खत्म कराने के नाम पर तहसील ले गए, कागजों पर साइन-अंगूठा कराया; बाद में पता चला जमीन का बैनामा हो चुका था

गोरखपुर के गीडा थाना क्षेत्र में खारिज दाखिल का विवाद खत्म कराने का झांसा देकर महिला की जमीन का कथित तौर पर बैनामा कराने का मामला सामने आया है। भरसाड़ निवासी चंद्रवती का आरोप है कि कुछ लोग उन्हें तहसील मुख्यालय ले गए और पहले से तैयार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर व अंगूठा लगवा लिया। बाद में उन्हें जमीन का बैनामा किसी दूसरे व्यक्ति के नाम होने की जानकारी मिली।

Gorakhpur: जमीन से जुड़ा विवाद खत्म कराने का भरोसा देकर एक महिला को तहसील मुख्यालय ले जाने और कथित तौर पर धोखे से उसकी जमीन का बैनामा कराने का मामला सामने आया है। गीडा थाना क्षेत्र के भरसाड़ गांव की रहने वाली महिला का आरोप है कि कुछ लोग पहले उसे अपने भरोसे में लेकर उसके मायके पहुंचे और फिर खारिज दाखिल से जुड़ा विवाद खत्म कराने की बात कहकर तहसील ले गए। वहां पहले से तैयार दस्तावेजों पर हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया गया। बाद में महिला को पता चला कि उसकी भूमि का बैनामा कथित तौर पर किसी दूसरे व्यक्ति के नाम कर दिया गया है।

बीमारी के चलते मायके में रह रही थीं महिला

भरसाड़ गांव निवासी चंद्रवती पत्नी स्वर्गीय राम सहाय के मुताबिक, इन दिनों उनकी तबीयत खराब चल रही है। इसी वजह से वह अपने मायके भटौली बाजार क्षेत्र के बरी बंदुआरी में रह रही थीं। उनके मुताबिक भरसाड़ गांव के पास उनकी आराजी संख्या 1720 में भूमि है। इसी भूमि को लेकर पहले से खारिज दाखिल से जुड़ा विवाद चल रहा था। महिला का आरोप है कि इसी विवाद को खत्म कराने के नाम पर कुछ लोग उनके संपर्क में आए।

शाम को कार लेकर मायके पहुंचे लोग

महिला के अनुसार, 25 सितंबर की शाम करीब सात बजे रानीपार निवासी कुछ लोग कार से उनके मायके पहुंचे। आरोप है कि वहां उन्होंने पूर्व में हुए बैनामे का हवाला देते हुए महिला से कहा कि जमीन के खारिज दाखिल से संबंधित विवाद का निपटारा करा दिया जाएगा। महिला का कहना है कि वह आरोपियों की बातों पर विश्वास कर बैठीं। उन्हें लगा कि जमीन से जुड़ा विवाद खत्म कराने के लिए ही उन्हें तहसील ले जाया जा रहा है। इसी भरोसे में वह उनके साथ जाने के लिए तैयार हो गईं।

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तहसील मुख्यालय ले जाने का आरोप

पीड़िता के मुताबिक, 26 सितंबर को आरोपी उन्हें कार से तहसील मुख्यालय ले गए। महिला का आरोप है कि वहां पहले से कुछ दस्तावेज तैयार रखे गए थे। आरोपियों ने उन कागजात पर उनसे हस्ताक्षर और अंगूठा लगवा लिया। महिला के मुताबिक, उस समय उन्हें यह बताया गया कि दस्तावेजों की प्रक्रिया खारिज दाखिल से जुड़े विवाद को समाप्त करने के लिए की जा रही है। उनका आरोप है कि इसी दौरान उनसे यह भी कहने के लिए कहा गया कि वह अधिकारी से बता दें कि उन्हें ढाई लाख रुपये मिल चुके हैं और इसके बाद खारिज दाखिल से जुड़ा विवाद खत्म हो जाएगा।

गांव में चर्चा के बाद महिला को हुई जानकारी

पीड़िता के मुताबिक, तहसील से लौटने के बाद उन्हें जमीन को लेकर गांव में चल रही चर्चाओं और अफवाहों से कुछ संदेह हुआ। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर जानकारी हुई कि उनकी भूमि का बैनामा सरैया निवासी एक व्यक्ति के नाम करा दिया गया है। यह जानकारी मिलने के बाद महिला के होश उड़ गए। उन्हें कथित तौर पर बताया गया कि जिस प्रक्रिया को वह खारिज दाखिल के विवाद का समाधान समझ रही थीं, उसी दौरान उनकी भूमि का बैनामा दूसरे व्यक्ति के नाम कराया गया।

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गीडा थाने में दी तहरीर

मामले में चंद्रवती ने गीडा थाने पहुंचकर आरोपित लोगों के खिलाफ तहरीर दी है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने, धोखे से जमीन का बैनामा कराने के आरोप की जांच करने और भूमि को वापस दिलाने की मांग की है। महिला की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए दोनों पक्षों को थाने बुलाया है। पुलिस अब शिकायत में लगाए गए आरोपों और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पुलिस जांच के बाद तय होगी कार्रवाई

गीडा थानेदार अश्वनी कुमार पांडेय ने बताया कि महिला की तहरीर मिली है। मामले में दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया है और पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। थानेदार के अनुसार, जांच में यदि महिला के साथ धोखाधड़ी किए जाने की पुष्टि होती है तो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

Location :  Gorakhpur

Published :  28 September 2026, 7:40 PM IST

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