मियां के इंतकाल के बाद भी बहू बेगम के नही टूटे हौसले, लिखी नई इबारत

अलीगढ़ की शबाना तहसीन ने पति के निधन के बाद सिलाई और फैशन डिजाइनिंग को सहारा बनाकर नई पहचान बनाई। उनके बनाए लड्डू गोपाल व माता रानी के वस्त्र मथुरा-वृंदावन तक पहुंच रहे हैं। वे 30 महिलाओं को प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं।

Updated : 18 May 2026, 10:50 AM IST
google-preferred

Aligarh: अलीगढ़ के शाहजमाल ईदगाह रोड निवासी शबाना तहसीन ने जीवन के कठिनतम समय में भी हार नहीं मानी। वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान उनके पति का इंतकाल हो गया, जिसके बाद परिवार की पूरी जिम्मेदारी उनके कंधों पर आ गई। आर्थिक चुनौतियों और बच्चों की पढ़ाई की चिंता के बीच उन्होंने खुद को संभाला और अपने हुनर को ही जीवन का सहारा बनाया। शबाना ने तय किया कि वह अपने सिलाई और फैशन डिजाइनिंग के काम को ही आगे बढ़ाकर परिवार को मजबूत बनाएंगी।

सिलाई और डिजाइनिंग में दस वर्षों का अनुभव

शबाना तहसीन पिछले लगभग 10 वर्षों से सिलाई के क्षेत्र में सक्रिय हैं। वह लहंगा, गरारा, फैंसी डिजाइन वाले कपड़े, साथ ही लड्डू गोपाल और माता रानी की आकर्षक पोशाकें तैयार करती हैं। उनके बनाए गए परिधानों की मांग धीरे-धीरे बढ़ती गई और स्थानीय स्तर से निकलकर बाहर तक पहुंचने लगी। उनके काम में बारीकी, डिजाइन और पारंपरिक कला का सुंदर मेल देखने को मिलता है, जिसकी वजह से उनके उत्पादों को खास पहचान मिली।

Aligarh Fake Medicine Racket: नामी ब्रांड के नाम पर जहर का कारोबार! 4 जिलों की टीम ने खोला बड़ा राज

मथुरा-वृंदावन तक पहुंचा हुनर

शबाना तहसीन के द्वारा तैयार की जा रही लड्डू गोपाल और माता रानी की पोशाकें अब मथुरा और वृंदावन तक पहुंच रही हैं। धार्मिक स्थलों से जुड़े इन परिधानों की बढ़ती मांग ने उनके कारोबार को नई दिशा दी है। सीमित संसाधनों से शुरू हुआ उनका यह काम अब एक छोटे स्तर के सफल व्यवसाय का रूप ले चुका है, जिसमें कई महिलाएं जुड़कर योगदान दे रही हैं।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

शुरुआत में शबाना ने आसपास की महिलाओं को जोड़कर उन्हें सिलाई का प्रशिक्षण देना शुरू किया। इसका उद्देश्य केवल रोजगार देना नहीं, बल्कि उन्हें आत्मनिर्भर बनाना था। धीरे-धीरे यह पहल एक समूह में बदल गई, जिसमें अब लगभग 30 महिलाएं उनके साथ काम कर रही हैं। इनमें तबस्सुम, सेरिस, मदीहा, जूही, फरा, सीमा, आफरीन, मिन्हा, अलीजा और शहनाज शामिल हैं।

Aligarh Crime: अलीगढ़ पुलिस ने अंतर्राज्यीय टप्पेबाज ‘वास गैंग’ का किया बड़ा खुलासा, जानें पूरा मामला

कठिनाइयों से सफलता तक का सफर

कठिन परिस्थितियों के बावजूद शबाना ने अपने संघर्ष को कमजोरी नहीं बनने दिया। उन्होंने धीरे-धीरे बाहर से ऑर्डर लेना शुरू किया और अपने कारोबार को विस्तार दिया। उनका उद्देश्य केवल व्यापार को आगे बढ़ाना नहीं है, बल्कि उन महिलाओं को हुनर सिखाना भी है जो आर्थिक रूप से कमजोर हैं। आज उनका यह प्रयास न सिर्फ उन्हें आर्थिक मजबूती दे रहा है, बल्कि कई परिवारों के जीवन में भी बदलाव ला रहा है।

शबाना तहसीन की कहानी मेहनत, हुनर और आत्मविश्वास की ऐसी मिसाल है, जो यह साबित करती है कि कठिन परिस्थितियों में भी अगर इरादा मजबूत हो तो सफलता जरूर मिलती है।

Location :  Aligarh

Published :  18 May 2026, 10:32 AM IST

Advertisement